Tumko dekha toh mohobbat bhi samajh aai
warna is shabad ki tareef hi suna karte the
तुमको देखा तो मौहब्बत भी समझ आई,
वरना इस शब्द की तारीफ ही सुना करते थे.
Tumko dekha toh mohobbat bhi samajh aai
warna is shabad ki tareef hi suna karte the
तुमको देखा तो मौहब्बत भी समझ आई,
वरना इस शब्द की तारीफ ही सुना करते थे.
कब्र दर कब्र इक इश्तिहार जा रहा है,
अपना था कोई वो जो दूर जा रहा है,
मोहब्बत सही, इश्क सही, पास नहीं है अब,
जोगी इसी धुन में कोई गीत गा रहा है...
जो अपने थे वो चले गए....
हर वक्त आंसू पोंछने कोई पास आ रहा है,
मालूम है वो भी चला जायेगा फिर आंसू देकर,
जोगी इसी धुन में कोई गीत गा रहा है...
मतलबी, बेशर्म, बेईमान है दुनिया सारी
मालूम है की जीने नहीं देगी... देखो...
मेरी कब्र से भी मेरा इश्तिहार आ रहा है...
जोगी इसी धुन में कोई गीत गा रहा है...
Tere shehar to guzar rahe haan
Ki dssiye ki guzar rahi e ~🍂
ਤੇਰੇ ਸ਼ਹਿਰ ਤੋਂ ਗੁਜ਼ਰ ਰਹੇ ਹਾਂ,
ਕੀ ਦੱਸੀਏ ਕੀ ਗੁਜ਼ਰ ਰਹੀ ਏ ~🍂