Tumko nhi malum hum kitna pyaar krte hai
Isliye bas tumara din aur raat intjaar krte hai
Tumko nhi malum hum kitna pyaar krte hai
Isliye bas tumara din aur raat intjaar krte hai
कुछ हलचल सी है सीने में
सुकून कुछ खोया – सा है
जाने कैसी है ये अनुभूति
दिल कुछ रोया – सा है
कुछ आहट सी आयी है
और दिल कुछ धड़का – सा है।
हाथ – पाँव में हो रही कंपन-सी
बेचैनी ये जानी पहचानी – सी है
सांसे भी है कुछ थमी – सी
कितने वक्त गुज़र गये इन्तजार में
मेरी आहें भी हैं कुछ जमी – सी।
पलकें अब मूँदने लगी हैं
साँसें अब क्षीण पड़ रही हैं
अब तो आ जाओ इन लम्हों में
जाने कब लौटोगे?
आने का वादा था और ना भी था तो,
तुम्हारा इन्तज़ार तो था..
सारी हदें तोड़ कर आ जाओ
दुनिया की रस्मों को छोड़ कर आ जाओ
चंद लम्हों के लिए ही,
अब तो आ जाओ
मेरे लिए.. सिर्फ मेरे लिए |
kade socheyaa hi nahi c ke
asi v ishq ch haara ge
tere bina taa kade rehna v nahi sikhyaa
aur aaj saal ho gya
pata nahi c ke tere ton begair v asi ji paalange
ਕਦੇ ਸੋਚਿਆ ਹੀ ਨਹੀਂ ਸੀ ਕਿ
ਅਸੀਂ ਵੀ ਇਸ਼ਕ ਚ ਹਾਰਾਂ ਗੈ
ਤੇਰੇ ਬਿਨਾ ਤਾਂ ਕਦੇ ਰੇਹਨਾ ਵੀ ਨਹੀਂ ਸਿਖਿਆ
ਔਰ ਆਜ ਸਾਲ ਹੋ ਗਿਆ
ਪਤਾ ਨਹੀਂ ਸੀ ਕਿ ਤੇਰੇ ਤੋਂ ਬਗੈਰ ਵੀ ਅਸੀਂ ਜੀ ਪਾਲਾਂ ਗੈ
—ਗੁਰੂ ਗਾਬਾ 🌷