हो विष्णु तुम धरा के,
हल सुदर्शन तुम्हारा !!
बिना शेष-शैया के ही,
होता दर्शन तुम्हारा !!
पत्थर को पूजने वाले,
क्या समझेंगे मोल तेरा !!
माँ भारती के ज्येष्ठ सुत,
तुमको नमन हमारा !!!
तरुण चौधरी
Enjoy Every Movement of life!
हो विष्णु तुम धरा के,
हल सुदर्शन तुम्हारा !!
बिना शेष-शैया के ही,
होता दर्शन तुम्हारा !!
पत्थर को पूजने वाले,
क्या समझेंगे मोल तेरा !!
माँ भारती के ज्येष्ठ सुत,
तुमको नमन हमारा !!!
तरुण चौधरी
Agar hoti koi keemat tumhe paane ki toh khudko bechkar bhi tumhe paa lete
Magar tum mohabbat ho kare kya zid hoti to yuhi lade kya ❤️
बिखरे हुए है पन्नें मेरे
खुद को किताबों की तरह सहेजना चाहती हूँ ❣️