हो विष्णु तुम धरा के,
हल सुदर्शन तुम्हारा !!
बिना शेष-शैया के ही,
होता दर्शन तुम्हारा !!
पत्थर को पूजने वाले,
क्या समझेंगे मोल तेरा !!
माँ भारती के ज्येष्ठ सुत,
तुमको नमन हमारा !!!
तरुण चौधरी
हो विष्णु तुम धरा के,
हल सुदर्शन तुम्हारा !!
बिना शेष-शैया के ही,
होता दर्शन तुम्हारा !!
पत्थर को पूजने वाले,
क्या समझेंगे मोल तेरा !!
माँ भारती के ज्येष्ठ सुत,
तुमको नमन हमारा !!!
तरुण चौधरी
Nazdik Zara aa sajjna …
Gall chira to lukoyi Jo oh kehni e
Bhawein chahun vale sanu v bathere ne
Par dil nu mohobbt tere naal c tere naal e tere naal hi rehni e..!!
ਨਜ਼ਦੀਕ ਜ਼ਰਾ ਆ ਸੱਜਣਾ..
ਗੱਲ ਚਿਰਾਂ ਤੋਂ ਲੁਕੋਈ ਜੋ ਉਹ ਕਹਿਣੀ ਏ..!!
ਭਾਵੇਂ ਚਾਹੁਣ ਵਾਲੇ ਸਾਨੂੰ ਵੀ ਬਥੇਰੇ ਨੇ
ਪਰ ਦਿਲ ਨੂੰ ਮੋਹੁੱਬਤ ਤੇਰੇ ਨਾਲ ਸੀ ਤੇਰੇ ਨਾਲ ਏ ਤੇਰੇ ਨਾਲ ਹੀ ਰਹਿਣੀ ਏ..!!
