हो विष्णु तुम धरा के,
हल सुदर्शन तुम्हारा !!
बिना शेष-शैया के ही,
होता दर्शन तुम्हारा !!
पत्थर को पूजने वाले,
क्या समझेंगे मोल तेरा !!
माँ भारती के ज्येष्ठ सुत,
तुमको नमन हमारा !!!
तरुण चौधरी
Enjoy Every Movement of life!
हो विष्णु तुम धरा के,
हल सुदर्शन तुम्हारा !!
बिना शेष-शैया के ही,
होता दर्शन तुम्हारा !!
पत्थर को पूजने वाले,
क्या समझेंगे मोल तेरा !!
माँ भारती के ज्येष्ठ सुत,
तुमको नमन हमारा !!!
तरुण चौधरी
पैसे से💰 हर चीज 🤔 हांसिल नहीं की❌ जा सकती, 😌
मेरे😃 दोस्त दिल ❤️की अमीरी रखोगे🤔 तो
शोहरते 🤟भी कदम चूमेगी🔥🔥🔥
सबर की ये जिंदगी जाने केबी मुक्क्मल फल दिलाएगी
खाक हुये खवाबों पर कब नई कली आएगी ,
मसरूफ़ रहे हम सदा किताबों मे
क्या पता था जिंदगी का अशली सबक तो ठोकर शिखएगी ।
जो नोका जा रही ह दरीया के साथ
वो क्या ही वापिस किनारा दिखाएगी
अगर यू ही चलती रही खोवाबों की हकीकत से जंग
तो यकीनन जल्दी ही इंतकाल की खबर आएगी ।