तूने वफा ऐ तोहफा क्या कमाल दिया है
बिना जहर के डसने का हुनर क्या खूब अजमाया है
तूने वफा ऐ तोहफा क्या कमाल दिया है
बिना जहर के डसने का हुनर क्या खूब अजमाया है
You say you love rain. But you use an umbrella to walk under it.
You say you love sun. But you seek shelter when it is shining.
You say you love wind. But when it comes you close your windows.
So that’s why I am scared, When you say you love me..
इस जीवन से जुड़ा एक सवाल है हमारा~
क्या हमें फिर से कभी मिलेगा ये दोबारा?
समंदर में तैरती कश्ती को मिल जाता है किनारा~
क्या हम भी पा सकेंगे अपनी लक्ष्य का किनारा?
जिस तरह पत्तों का शाखा है जीवन भर का सहारा~
क्या उसी तरह मेरा भी होगा इस जहां में कोई प्यारा?
हम एक छोटी सी उदासी से पा लेते हैं डर का अंधियारा~
गरीब कैसे सैकड़ों गालियां खा कर भी कर लेतें है गुजारा ?
जिस तरह आसमान मे रह जाते सूरज और चांद-तारा ~
क्या उस तरह रह पाएगा हमारी दोस्ती का सहारा ?
जैसे हमेशा चलती रहती है नदियों का धारा~
क्या हम भी चल सकेंगे अपनी राह की धारा ?