तूने वफा ऐ तोहफा क्या कमाल दिया है
बिना जहर के डसने का हुनर क्या खूब अजमाया है
Enjoy Every Movement of life!
तूने वफा ऐ तोहफा क्या कमाल दिया है
बिना जहर के डसने का हुनर क्या खूब अजमाया है
मेरी मोहब्बत है वो कोई मज़बूरी तो नही,
वो मुझे चाहे या मिल जाये, जरूरी तो नही,
ये कुछ कम है कि बसा है मेरी साँसों में वो,
सामने हो मेरी आँखों के जरूरी तो नहीं।।
mohabbat bhee hotee hai to zarurat ke pesh-e-nazar,
ab ek nazar mein lut jaane ka zamaana nahin raha…
मोहब्बत भी होती है तो ज़रुरत के पेश-ए-नज़र,
अब एक नज़र में लुट जाने का ज़माना नहीं रहा…