Shaakh se toote patte sa ho gya hoon mein
Kisi ne smeta bhi to jalane k liye..!!
शाख से टूटे पत्तों सा हो गया हूँ मैं
किसी ने समेटा भी तो जलाने के लिए..!!
Shaakh se toote patte sa ho gya hoon mein
Kisi ne smeta bhi to jalane k liye..!!
शाख से टूटे पत्तों सा हो गया हूँ मैं
किसी ने समेटा भी तो जलाने के लिए..!!
रख सकों तो एक निशानी हूँ मैं खो दो तो सिर्फ एक कहानी हूँ मैं रोक ना पाए जिसको ये सारी दुनिया वो एक बूंद आँख का पानी हूँ मैं... सबको प्यार देने की आदत है हमें अपनी अलग पहचान बनाने की आदत है हमें कितना भी गहरा जख़्म दे कोई उतना ही ज्यादा मुस्कुरानें की आदत है हमें.. इस अजनबी दुनिया में अकेला ख़्वाब हूँ मैं सवालों से खफा छोटा सा जवाब हूँ मैं जो समझ ना सके मुझे उनके लिए कौन जो समझ गए उनके लिए खुली किताब हूँ मैं.. आँख से देखोगे तो खुश पाओगे दिल से पूछोगे तो दर्द का सैलाब हूँ मैं अगर रख सकों तो एक निशानी हूं मैं खो दो तो सिर्फ एक कहानी हूँ मैं...
Log kehte hain,
Aasmaan mein bhi surakh ho sakta hai,
Bas tabiyat se pathar uchalne ki deri hai..
Himmat na ki pathar uthane ki,
Mano na mano ye galti teri hai..
Raste bhi sazish kar rahe hain,
Waqt ke sath milkar…
Tu phir bhi waqt ke sath na chale,
To ab bhi galti teri hai..
लोग कहते हैं,
आसमान में भी सुराख़ हो सकता है,
बस तबियत से पत्थर उछालने की देरी है…
हिम्मत ना की पत्थर उठाने की,
मानो ना मानो ये गलती तेरी है…
रास्ते भी शाज़िश कर रहे है,
वक्त के साथ मिलकर…
तू फिर भी वक्त के साथ ना चले,
तो अब भी गलती तेरी है….