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Two line Hindi shayari collection || Hindi thoughts

ईर्ष्या एक मानसिक रोग, कोई भाव नहीं।
धुलाई इसकी इलाज, दवा कभी नहीं।

स्वाधीन अगर होना है तो हम दोनों एक साथ मिलकर होंगें।
अगर दोनों में से कोई एक बंदी रहे गया तो दूसरे भी झेलेंगे।

कोई किसी का गुलाम नहीं होता।
हम सब अपना मन का गुलाम हैं, दिल यही कहता। 

कौन कब किसका गुलाम था, यह नहीं है बड़ी बात।
हम अपना दुश्मनों को गुलाम नहीं, सिर्फ दोस्त बनायें, हमारी असली ताकत।

ज्यादा सोचो मत, जो होगा देखा जायेगा।
सामना करो वक्त पर, ज्यादा सोचोगे तो जीवन रोक जायेगा।

सही सोच कभी ज़िंदगी नहीं बनाती- सच यही।
सही काम और सही संस्कार जो बनाता हैं- खुद रहो सही।  

बाप दादा क्या काम किया हैं, वह कभी मत सोचो।
अपना मन पसंद काम पे शामिल हो और उन दोनों का मान बढ़ाओ।

पिता से बड़ी माता, पितृतंत्र से बड़ी मातृशक्ति।
ताकत से बड़ी ममता और प्रेम से बड़ी भक्ति।

अहंकार बेवकूफ का शस्र होता।
बेवकूफ असुर कुल का सदस्य होता।

एक बार अगर आप ने अहंकार दिखा दिए, आप का पतन निश्चित।
देव गण बुद्धिमान हैं- कुटिलता अच्छी सोच और अच्छे विचार को कभी न कर पाती प्रभावित। 

बाहर की दुनिया फर्जी है।
अपने आप को देखो आपके अंदर में।

दुनिया बहुत बुरी जगह है।
यहां दाहिना हाथ बायां हाथ से खेलता है।

जल्दबाजी में कुछ करो, टिकता नहीं।
सोच समझकर आगे बढ़ो, टिकोगे सही।

करते रहो, काम करते रहो, कुछ मांगो मत।
कामयाबी पकड़ेगी सामर्थ्य और पूछेगी योग्यता की बात।

खुद को पूछो, अपनी योग्यता के बारे में।
उसके बाद मांगो, गलती से कुछ मांगना जुर्म है- योग्यता अनादर का डिब्बा में।

हम महान बने सिर्फ माँ की वजह।
हम गुनहगार बने सिर्फ माँ की वजह।

Title: Two line Hindi shayari collection || Hindi thoughts

Best Punjabi - Hindi Love Poems, Sad Poems, Shayari and English Status


mitti da koi mul nahi || zindagi shayari

mitti da koi mul nahi
har ik nu ede vich jaana
zindagi taa bas befazool ja safar hai
manzil taa siviyaa tak jaana

ਮਿੱਟੀ ਦਾ ਕੋਈ ਮੁੱਲ ਨਹੀਂ
ਹਰ ਇੱਕ ਨੂੰ ਇਦੇ ਵਿਚ ਜਾਣਾ
ਜ਼ਿੰਦਗੀ ਤਾਂ ਵਸ ਬੈਫਿਜੁਲ ਜਾ ਸਫ਼ਰ ਹੈ
ਮੰਜ਼ਿਲ ਤਾਂ ਸਿਵੀਆ ਤੱਕ ਜਾਣਾ
—ਗੁਰੂ ਗਾਬਾ 🌷

Title: mitti da koi mul nahi || zindagi shayari


Zindagi ki ladaai || true story of life

कॉलेज तक हम पर ना पढ़ाई की जिम्मेदारी रहती है ,
और उसके बाद घर की जिम्मेदारी आ जाती है ।
अपने सपनो को रख कर एक तरफ ,
अपनो के सपनो को पूरा करने की जिम्मेदारी आती है ।

क्या करे कोई अगर लाखो की भीड़ में एक शख्स अच्छा लगे ,
तो उसे भी ठुकराना पड़ता है ।
प्यार व्यार सब अच्छा नही यही बताकर दिल को अपने मनाना पड़ता है ,
कभी पढ़ाई की तो कभी घर की जिम्मेदारी से दिल उदास भी हो तो 
सामने रह कर सबके चेहरे से तो मुस्कुराना पड़ता है ।

हर किसी को परेशानी अपनी खुद ही पता होती है ,
वरना दूसरो को खुश चेहरा ही दिखता है ।
खुद के अलावा किसी को क्या पता की कोन रोज यहां 
कितनी मुश्किलों में उलझता सा है ,

छोटा मोटा काम करके घर का खर्चा निकालना होता है ।
कभी कभी नौबत ऐसी आती है की दस या पंद्रह हजार में ,
महीना सारा संभालना पड़ता है । 
यहां से वहा से ले लेकर बच्चो की ख्वाईशे भी पूरी करनी पड़ती है ,
कोई साथ नही देता यार यहां जिंदगी की ये लड़ाई खुद ही लड़नी पड़ती है ।

Title: Zindagi ki ladaai || true story of life