ilm ki ibteda hai dhama
ilm ki inteha hai khamoshi🍂
इल्म की इब्तेदा है धमाका
इल्म की इंतेहा है खामोशी🍂
Enjoy Every Movement of life!
ilm ki ibteda hai dhama
ilm ki inteha hai khamoshi🍂
इल्म की इब्तेदा है धमाका
इल्म की इंतेहा है खामोशी🍂

ना तेरे लबों से छुई
ना मेरे माथे को लगी
अब के सावन भी प्यासी
तेरे मेरे इश्क़ की जमीं🍂।।