उदसियों की वजह तो
बहुत है ज़िन्दगी में,
लेकिन,
बेवजह खुश होने का मज़ा ही कुछ और है...
उदसियों की वजह तो
बहुत है ज़िन्दगी में,
लेकिन,
बेवजह खुश होने का मज़ा ही कुछ और है...
Gile karne shadd de mana
Tu ohnu sahi nahi kehna
Te ohne khud nu galat..!!
ਗਿਲੇ ਕਰਨੇ ਛੱਡ ਦੇ ਮਨਾਂ
ਤੂੰ ਉਹਨੂੰ ਸਹੀ ਨਹੀਂ ਕਹਿਣਾ
ਤੇ ਉਹਨੇ ਖੁਦ ਨੂੰ ਗ਼ਲਤ..!!
दोनों जहान तेरी मोहब्बत में हार के
वो जा रहा है कोई शब-ए-ग़म गुज़ार के
वीराँ है मैकदा ख़ुम-ओ-साग़र उदास है
तुम क्या गये के रूठ गये दिन बहार के
इक फ़ुर्सत-ए-गुनाह मिली वो भी चार दिन
देखे हैं हमने हौसले परवर-दिगार के
दुनिया ने तेरी याद से बेगाना कर दिया
तुझ से भी दिल फ़रेब हैं ग़म रोज़गार के
भूले से मुस्कुरा तो दिये थे वो आज ‘फ़ैज़’
मत पूछ वलवले दिलए-ना-कर्दाकार के