Mein ishq kita fir bheekh kahdi
Mein shadd ditta fir udeek kahdi
ਮੈਂ ਇਸ਼ਕ਼ ਕੀਤਾ ਫਿਰ ਭੀਖ ਕਾਹਦੀ
ਮੈਂ ਛੱਡ ਦਿੱਤਾ ਫਿਰ ਉਡੀਕ ਕਾਹਦੀ
Mein ishq kita fir bheekh kahdi
Mein shadd ditta fir udeek kahdi
ਮੈਂ ਇਸ਼ਕ਼ ਕੀਤਾ ਫਿਰ ਭੀਖ ਕਾਹਦੀ
ਮੈਂ ਛੱਡ ਦਿੱਤਾ ਫਿਰ ਉਡੀਕ ਕਾਹਦੀ
Naa Jakham bhare, naa Sharab sahara huyi
Naa Tum loute, naa Mohabbat dobara huyi!💯💔
ना जख्म भरे, ना शराब सहारा हुई
ना तुम लौटे, ना मोहब्बत दोबारा हुई !💯💔
वो मेरे चर्चे गुफ्तगू के बहाने से सबसे करते हैं,
ये जान के भी हम इस बात से हर पल मरते हैं,
जिन अपनो को के लिए सीने में मोहब्बत थी,
उनके अब हम पास गुजरने से भी बहुत डरते हैं,
मुझे कैद करके कितना जीने दे सकोगे तुम भला,
देखो कितनी शिद्दत से हम मौत की दुआ पढ़ते हैं,
मेरी जान को गुनाहों से तौल कर क्या पा लोगे,
मेरे हर्फ़ के वजन से गुनाह अक्सर बदलते हैं ,
उर्दू का कोई शायर होता मैं लफ्ज़ संभाल लेता,
गोया अगर होते तो लफ्ज़ न गिरते, न इतना संभलते।