
Nainaa de athru paun osiyaan
gallan te maar maar leekan
dil chandra teri yaad ch baitha
teriyaan ajh v kare udeekan

Nainaa de athru paun osiyaan
gallan te maar maar leekan
dil chandra teri yaad ch baitha
teriyaan ajh v kare udeekan
ਨਾ ਰੋ ਦਿਲਾਂ ਤੂੰ ਐਵੇ
ਤੈਨੂੰ ਕਿਸੇ ਨੇ ਚੁੱਪ ਕਰਾਉਣਾ ਨੀ
ਦਿਲ ਦੇ ਜਜ਼ਬਾਤ ਅੰਦਰ ਹੀ ਦੱਬ ਲੈ
ਤੇਰਾ ਕਿਸੇ ਨੇ ਦੁੱਖ ਵੰਡਾਉਣਾ ਨੀ
ਕਿਉ ਬੈਠਾ ਮਿੱਟੀ ਵਿੱਚ ਮਾਰੇ ਲੀਕਾਂ
ਪ੍ਰੀਤ ਕਦੇ ਮੁੜ ਸੱਜਣਾ ਨੇ ਆਉਣਾ ਨੀ
ਗੁਰਲਾਲ ਸ਼ਰਮਾ ਭਾਈ ਰੂਪਾ
“फिर आज युंहिं मौसम बदला, चहकती
देखो हर एक डाल है..
मद्धम सी बरसात हुई, छिल गई कई पेड़ों की छाल है..
हर पत्ते हर डाली ने पूछा, क्या दर्द हुआ? क्या तेरा हाल है..
कहा हुआ हूं, नया मैं फिर से, क्या जानो तुम कुदरत कमाल है..
मुझको ताकत दी है इतनी, शक्ति मेरी बेमिसाल है..
हर जीव में सांसें भरता हूं, सब करते मेरा इस्तेमाल है..
काटेंगे मुझे तो भुगतेंगे, कुदरत का कहर सबसे विशाल है..
बे-मौसम जो मौसम बदल रहे हैं, जवाब पता है, फिर भी सवाल है..”