Vo daur gaya janab
Jab hum titliyon ke piche Bhaga karte the
Upar udne ki khwahish hai
Sabhi pankh tarashne mein lage hain..✨
वो दौर गया जनाब,
जब हम तितलियों के पीछे भागा करते थे,
ऊपर उड़ने की ख़्वाहिश है
सभी पंख तराशने में लगे हैं… ✨
Vo daur gaya janab
Jab hum titliyon ke piche Bhaga karte the
Upar udne ki khwahish hai
Sabhi pankh tarashne mein lage hain..✨
वो दौर गया जनाब,
जब हम तितलियों के पीछे भागा करते थे,
ऊपर उड़ने की ख़्वाहिश है
सभी पंख तराशने में लगे हैं… ✨
“फिर आज युंहिं मौसम बदला, चहकती
देखो हर एक डाल है..
मद्धम सी बरसात हुई, छिल गई कई पेड़ों की छाल है..
हर पत्ते हर डाली ने पूछा, क्या दर्द हुआ? क्या तेरा हाल है..
कहा हुआ हूं, नया मैं फिर से, क्या जानो तुम कुदरत कमाल है..
मुझको ताकत दी है इतनी, शक्ति मेरी बेमिसाल है..
हर जीव में सांसें भरता हूं, सब करते मेरा इस्तेमाल है..
काटेंगे मुझे तो भुगतेंगे, कुदरत का कहर सबसे विशाल है..
बे-मौसम जो मौसम बदल रहे हैं, जवाब पता है, फिर भी सवाल है..”
