Manga tha thoda sa ujala zindagi mein,
Par chahne walon ne to aag hi laga di..
माँगा था थोड़ा सा उजाला जिंदगी में,
पर चाहने वालो ने तो आग ही लगा दी।
Manga tha thoda sa ujala zindagi mein,
Par chahne walon ne to aag hi laga di..
माँगा था थोड़ा सा उजाला जिंदगी में,
पर चाहने वालो ने तो आग ही लगा दी।
मैं ना जानू दोस्त तेरे दूर हो जाने के बाद,
यह जिंदगी कैसे जंग बन गई है।
मैं ना जानू दोस्त तेरे जाने के बाद,
यह गांव की गलियां कैसे सुनी हो गई है।
मैंने जानू दोस्त तेरे जाने के बाद,
वो खेल का मैदान अब सुना लगता है।
मैं ना जानू दोस्त तेरे जाने के बाद,
कैसे फूल जैसी जिंदगी पत्थर बन गई है।
खुद को मनाने की कोशिश करता हूं बहुत,
लेकिन क्या करूं दिल है कि मानता ही नहीं।
मैं ना जानू दोस्त तेरी दूर हो जाने के बाद,
मेरे चेहरे की हंसी कहां गुम हो गई।
मैं ना जानू दोस्त तेरे जाने के बाद,
बाजारों की रौनक भी फीकी लगती है।
तू कब आएगा मेरे भाई मेरे दोस्त,
तेरे को हर दिन गले लगाने का मन करता है।
मेरे होंठों पे तेरा नाम था
मेरी आंखों में तेरा खाॉब था
सोचा की तेरे नाम जिंदगी कर दूं
लेकिन तु तो पहले ही किसी ओर का था