Manga tha thoda sa ujala zindagi mein,
Par chahne walon ne to aag hi laga di..
माँगा था थोड़ा सा उजाला जिंदगी में,
पर चाहने वालो ने तो आग ही लगा दी।
Manga tha thoda sa ujala zindagi mein,
Par chahne walon ne to aag hi laga di..
माँगा था थोड़ा सा उजाला जिंदगी में,
पर चाहने वालो ने तो आग ही लगा दी।
Pareshan kar rakha hai Teri yaadon ne
Din ko dil nhi lagta
Aur raat ko ankhein nhi lagti..🫠
परेशान कर रखा हैं तेरी यादों ने,
दिन को दिल नही लगता,
और रात को आँखे नहीं लगती..🫠
महर-ओ- वफ़ा की शमआ जलाते तो बात थी
इंसानियत का पास निभाते तो बात थी
जम्हूरियत की शान बढ़ाते तो बात थी
फ़िरक़ा परस्तियों को मिटाते तो बात थी
जिससे कि दूर होतीं कुदूरत की ज़ुल्मतें
ऐसा कोई चराग़ जलाते तो बात थी
जम्हूरियत का जश्न मुबारक तो है मगर
जम्हूरियत की जान बचाते तो बात थी
ज़रदार से यह हाथ मिलाना बजा मगर
नादार को गले से लगाते तो बात थी
बर्बाद होने का तो कोई ग़म नहीं मगर
अपना बनाके मुझको मिटाते तो बात थी
हिंदुस्तान की क़सम ऐ रेख़्ता हूँ ख़ुश
पर मुंसिफ़ी की बात बताते तो बात थी