उलझा रहता हु खयालों में,
तेरी यादों के सवालों में,
जब भी तुझे सोचता हु,
मिल जाती है जवाबों में….
Enjoy Every Movement of life!
उलझा रहता हु खयालों में,
तेरी यादों के सवालों में,
जब भी तुझे सोचता हु,
मिल जाती है जवाबों में….
Ache hokar bhi logo ke liye bure hain socho bure hogye to kya hi hoga
अच्छे होकर भी लोगों के लिए बुरे हैं सोचो बुरे होगए तो क्या ही होगा
तू बन दूध सा कोरा , मै बन पत्ती तुझमें मिल जाऊंगी
तू बन इत्र सा मेरा , में हवा बन घुल जाऊंगी
आएगा जो जिक्र तेरा , मै लाली लाके सरमाऊंगी
तू बन के आना बारिश , मै रंगों सी बिखर जाऊंगी।❤️