uljhe hoye dhaage dekhe ae tu?
bilkul ohna warga haa me
ਉਲਝੇ ਹੋਏ ਧਾਗੇ ਦੇਖੇ ਐ ਤੂੰ ?
ਬਿਲਕੁਲ ਉਹਨਾਂ ਵਰਗਾ ਹਾਂ ਮੈਂ!
uljhe hoye dhaage dekhe ae tu?
bilkul ohna warga haa me
ਉਲਝੇ ਹੋਏ ਧਾਗੇ ਦੇਖੇ ਐ ਤੂੰ ?
ਬਿਲਕੁਲ ਉਹਨਾਂ ਵਰਗਾ ਹਾਂ ਮੈਂ!
अकबर बादशाह को मजाक करने की आदत थी। एक दिन उन्होंने नगर के सेठों से कहा-
“आज से तुम लोगों को पहरेदारी करनी पड़ेगी।”
सुनकर सेठ घबरा गए और बीरबल के पास पहुँचकर अपनी फरियाद रखी।
बीरबल ने उन्हें हिम्मत बँधायी,
“तुम सब अपनी पगड़ियों को पैर में और पायजामों को सिर पर लपेटकर रात्रि के समय में नगर में चिल्ला-चिल्लाकर कहते फिरो, अब तो आन पड़ी है।”
उधर बादशाह भी भेष बदलकर नगर में गश्त लगाने निकले। सेठों का यह निराला स्वांग देखकर बादशाह पहले तो हँसे, फिर बोले-“यह सब क्या है ?”
सेठों के मुखिया ने कहा-
“जहाँपनाह, हम सेठ जन्म से गुड़ और तेल बेचने का काम सीखकर आए हैं, भला पहरेदीर क्या कर पाएँगे, अगर इतना ही जानते होते तो लोग हमें बनिया कहकर क्यों पुकारते?”
बादशाह अकबर बीरबल की चाल समझ गए और अपना हुक्म वापस ले लिया।
Meri kalam kare manmarziya
Ehne sitam ho jana e..!!
Kujh nwa likha dass ki tere lyi
Mera ishq purana e..!!
ਮੇਰੀ ਕਲਮ ਕਰੇ ਮਨਮਰਜ਼ੀਆਂ
ਇਹਨੇ ਸਿਤਮ ਹੋ ਜਾਣਾ ਏ..!!
ਕੁਝ ਨਵਾਂ ਲਿਖਾਂ ਦੱਸ ਕੀ ਤੇਰੇ ਲਈ
ਮੇਰਾ ਇਸ਼ਕ ਪੁਰਾਣਾ ਏ..!!