उनके चेहरे की हंसी पर नजर मेरी तब पड़ी, जब शहर में मेरा आना हुआ..
अब उनके चेहरे पर ही रहती है ये हर घड़ी, और उनका मुझे देख शर्माना हुआ..
मेरी नज़रों पे उनकी नज़रों ने लगाई ऐसी हथ-कडी, ना फिर मेरा कभी घर जाना हुआ..
अब नज़रों से सिर्फ वही देखते हैं, जो वो दिखाती है, ना जाने भरा ये हमने, कैसा हर-ज़ाना हुआ..
Mera sukun aur imtehaan hai tu
Yaani murda jisam ki jaan hai tu🙈
Tujhe batlau teri khoobi to sun
Mere gumshuda vajood ki pehchaan hai tu❤️
मेरा सुकून और इतमिनान है तू,
यानी मुर्दा जिस्म की जान है तू..🙈
तुझे बतलाऊं तेरी खूबी तो सुन,
मेरे गुमशुदा वजूद की पहचान है तू❤️