Na maro pani vich pathar us pani nu vi koi pinda howega..
Apni zindagi nu hass ke guzaro yaaro, tuhanu vekh ke vi koi jionda howega..
ਨਾ ਮਾਰੋ ਪਾਣੀ ਵਿੱਚ ਪੱਥਰ ਉਸ ਪਾਣੀ ਨੂੰ ਵੀ ਕੋਈ ਪੀਂਦਾ ਹੋਵੇਗਾ..
ਆਪਣੀ ਜਿੰਦਗੀ ਨੂੰ ਹੱਸ ਕਿ ਗੁਜਾਰੋ ਯਾਰੋ ,ਤੁਹਾਨੂੰ ਵੇਖ ਕੇ ਵੀ ਕੋਈ ਜਿਉਂਦਾ ਹੋਵੇਗਾ..
खुशबू नहीं है मुझमें,
पर गुलशन महकाएं बहुत है...
मुझे आज़माया नहीं किसी ने,
मैनें अपनें आज़माएं बहुत हैं...
मैं रौनक पसंद हूं पर रौनक नहीं है मुझमें,
बुला रहे हो महफिल में वो झलक नहीं मुझमें...
इंतजाम मेरी खातिर बस इतना कर लेना
कड़वा हूं मैं,
कुछ कहूं तो मेरे होंठो पर ज़हर रख देना....