Unhone to keh diya
tera mera koi wasta nahi hai
Par unki yaadon ka kya wasta hai
Jo wo har waqt mere paas rehti hai
Unhone to keh diya
tera mera koi wasta nahi hai
Par unki yaadon ka kya wasta hai
Jo wo har waqt mere paas rehti hai
कॉलेज तक हम पर ना पढ़ाई की जिम्मेदारी रहती है , और उसके बाद घर की जिम्मेदारी आ जाती है । अपने सपनो को रख कर एक तरफ , अपनो के सपनो को पूरा करने की जिम्मेदारी आती है । क्या करे कोई अगर लाखो की भीड़ में एक शख्स अच्छा लगे , तो उसे भी ठुकराना पड़ता है । प्यार व्यार सब अच्छा नही यही बताकर दिल को अपने मनाना पड़ता है , कभी पढ़ाई की तो कभी घर की जिम्मेदारी से दिल उदास भी हो तो सामने रह कर सबके चेहरे से तो मुस्कुराना पड़ता है । हर किसी को परेशानी अपनी खुद ही पता होती है , वरना दूसरो को खुश चेहरा ही दिखता है । खुद के अलावा किसी को क्या पता की कोन रोज यहां कितनी मुश्किलों में उलझता सा है , छोटा मोटा काम करके घर का खर्चा निकालना होता है । कभी कभी नौबत ऐसी आती है की दस या पंद्रह हजार में , महीना सारा संभालना पड़ता है । यहां से वहा से ले लेकर बच्चो की ख्वाईशे भी पूरी करनी पड़ती है , कोई साथ नही देता यार यहां जिंदगी की ये लड़ाई खुद ही लड़नी पड़ती है ।
Dhup v hun thandi chhaa wargi lagdi aa
dard hanju hun mere lai hai chnagi gal
seene vich jakham akhaa vich lahu
eh taa ishq di sazaa lagdi aa
ਧੁੱਪ ਵੀ ਹੁਣ ਠੰਡੀ ਛਾਂ ਵਰਗੀ ਲੱਗਦੀ ਐਂ
ਦਰਦ ਹੰਜੂ ਹੁਣ ਮੇਰੇ ਲਈ ਹੈ ਚੰਗੀ ਗੱਲ
ਸੀਨੇ ਵਿੱਚ ਜਖ਼ਮ ਅਖਾਂ ਵਿੱਚ ਲ਼ਹੂ
ਏਹ ਤਾਂ ਇਸ਼ਕ ਦੀ ਸਜ਼ਾ ਲੱਗਦੀ ਐਂ
—ਗੁਰੂ ਗਾਬਾ 🌷