उसने छोड़ा और यूं छोड़ा अब मिलते नही है हम
तेरे बाद तेरे बारे में लिखते नही है हम
महफिलों में बैठ कर राज खोले होगे हमने
पर आज कल किसी दूसरे को दिखते नही है हम
उसने छोड़ा और यूं छोड़ा अब मिलते नही है हम
तेरे बाद तेरे बारे में लिखते नही है हम
महफिलों में बैठ कर राज खोले होगे हमने
पर आज कल किसी दूसरे को दिखते नही है हम
बहुत से मौसम बदलें शायद, हमें दिल की बात बताने में..
जो प्यार दबा कर रखा है, उस प्यार को उन्हें जताने में..
क्यूं पता नहीं, क्या वक्त लगे, दिल की बात जुबां
तक लाने में..
क्या और भी दूजा है हमसा?, बेबस, लाचार जमाने में..
Ham toh nadaan parinde he sahib
aasmaan me udhna jante hai
pyar, ishq se vaasta nahi hamaara
inhe toh fakat aansuaan ka sailaab maante hai
हम तो नादान परिन्दे हैं साहेब,
आसमान में उडना जानते हैं,
प्यार, इश्क से वास्ता नहीं हमारा,
इन्हे तो फकत् आँसुओं का सैलाब मानते हैं।
– विक्रम