ना कोई गुनाह किया , ना कोई मुकदमा हुआ..!
ना अदालत सजाई गई, ना कोई दलिले हुई..!
किस किस से मांगे हम गवाही वफ़ा कि !
उसने छोड़ा भरे बाज़ार हमे, ये ज़माना जानता है!
Enjoy Every Movement of life!
ना कोई गुनाह किया , ना कोई मुकदमा हुआ..!
ना अदालत सजाई गई, ना कोई दलिले हुई..!
किस किस से मांगे हम गवाही वफ़ा कि !
उसने छोड़ा भरे बाज़ार हमे, ये ज़माना जानता है!
दिल की बातें जुबां से कहने का मन नहीं करता, बस तेरे ख्यालों में खोने का मन है दिल को।
तेरी यादों का साथ है, दिल की धड़कनों में बसा है, इस प्यार के गीत को दिल से गुनगुना है दिल को।❤️
