ना कोई गुनाह किया , ना कोई मुकदमा हुआ..!
ना अदालत सजाई गई, ना कोई दलिले हुई..!
किस किस से मांगे हम गवाही वफ़ा कि !
उसने छोड़ा भरे बाज़ार हमे, ये ज़माना जानता है!
Enjoy Every Movement of life!
ना कोई गुनाह किया , ना कोई मुकदमा हुआ..!
ना अदालत सजाई गई, ना कोई दलिले हुई..!
किस किस से मांगे हम गवाही वफ़ा कि !
उसने छोड़ा भरे बाज़ार हमे, ये ज़माना जानता है!
Badi mushqil naal rokde haan dil apne nu
Baar baar sajjna ishq Na jgaa..!!
ਬੜੀ ਮੁਸ਼ਕਿਲ ਨਾਲ ਰੋਕਦੇ ਹਾਂ ਦਿਲ ਆਪਣੇ ਨੂੰ
ਬਾਰ ਬਾਰ ਸੱਜਣਾ ਇਸ਼ਕ ਨਾ ਜਗਾ..!!
मुकम्मल ना हुआ इश्क तोह मेरा किया कसूर
यह तोह तेरी और तकदीर की मेहरबानी है
और बहुत फ़िक्र ना किया कर अब
अधुरा इश्क रहे ना तोह सच्ची मोहब्बत की निशानी हैं
—ਗੁਰੂ ਗਾਬਾ 🌷