ना कोई गुनाह किया , ना कोई मुकदमा हुआ..!
ना अदालत सजाई गई, ना कोई दलिले हुई..!
किस किस से मांगे हम गवाही वफ़ा कि !
उसने छोड़ा भरे बाज़ार हमे, ये ज़माना जानता है!
Enjoy Every Movement of life!
ना कोई गुनाह किया , ना कोई मुकदमा हुआ..!
ना अदालत सजाई गई, ना कोई दलिले हुई..!
किस किस से मांगे हम गवाही वफ़ा कि !
उसने छोड़ा भरे बाज़ार हमे, ये ज़माना जानता है!
Aaj fir kuch purane khyalo ne dil par dastak di hai
Mili nhi jo maafi ab tkk kya itni badi gustakhi ki hai 🍂
आज फिर कुछ पुराने ख्यालों ने दिल पर दस्तक दी है मिली नही जो माफी अब तक क्या इतनी बड़ी गुस्ताखी की है🍂
