ना कोई गुनाह किया , ना कोई मुकदमा हुआ..!
ना अदालत सजाई गई, ना कोई दलिले हुई..!
किस किस से मांगे हम गवाही वफ़ा कि !
उसने छोड़ा भरे बाज़ार हमे, ये ज़माना जानता है!
ना कोई गुनाह किया , ना कोई मुकदमा हुआ..!
ना अदालत सजाई गई, ना कोई दलिले हुई..!
किस किस से मांगे हम गवाही वफ़ा कि !
उसने छोड़ा भरे बाज़ार हमे, ये ज़माना जानता है!
Akhan bhariyan naal jazbatan c || sad shayari || alone shayari
Akhan bhariya naal jazbatan c
Mera rabb Mere kol c …Kya Bataan c
Ki din c oh te ki raataan c
Jdon sajjna naal hundiyan mulakatan c
ਅੱਖਾਂ ਭਰੀਆਂ ਨਾਲ ਜਜ਼ਬਾਤਾਂ ਸੀ
ਮੇਰਾ ਰੱਬ ਮੇਰੇ ਕੋਲ ਸੀ ਕਿਆ ਬਾਤਾਂ ਸੀ
ਕੀ ਦਿਨ ਸੀ ਉਹ ਤੇ ਕੀ ਰਾਤਾਂ ਸੀ
ਜਦੋਂ ਸੱਜਣਾ ਨਾਲ ਹੁੰਦੀਆਂ ਮੁਲਾਕਾਤਾਂ ਸੀ..!!
