ना कोई गुनाह किया , ना कोई मुकदमा हुआ..!
ना अदालत सजाई गई, ना कोई दलिले हुई..!
किस किस से मांगे हम गवाही वफ़ा कि !
उसने छोड़ा भरे बाज़ार हमे, ये ज़माना जानता है!
ना कोई गुनाह किया , ना कोई मुकदमा हुआ..!
ना अदालत सजाई गई, ना कोई दलिले हुई..!
किस किस से मांगे हम गवाही वफ़ा कि !
उसने छोड़ा भरे बाज़ार हमे, ये ज़माना जानता है!
Ye mohobbat ke haadse aksar
Dil ko tod dete hai😁
Tum manzil ki baat karte ho
Log aksar raston mein sath shod dete hain😁😁
ये❤️ मोहब्बत के 🤔हादसे अक्सर🤪
दिल 💔को तोड़ देते है…😬
तुम मंजिल 🙏की बात करते 👍हो
लोग 🤔अक्सर रास्तों 😎में साथ छोड़😌 देते है😁😁
