ना कोई गुनाह किया , ना कोई मुकदमा हुआ..!
ना अदालत सजाई गई, ना कोई दलिले हुई..!
किस किस से मांगे हम गवाही वफ़ा कि !
उसने छोड़ा भरे बाज़ार हमे, ये ज़माना जानता है!
Enjoy Every Movement of life!
ना कोई गुनाह किया , ना कोई मुकदमा हुआ..!
ना अदालत सजाई गई, ना कोई दलिले हुई..!
किस किस से मांगे हम गवाही वफ़ा कि !
उसने छोड़ा भरे बाज़ार हमे, ये ज़माना जानता है!
Tu saanu dil vich rakhi
dimaag vich taa dushman rakhde ne
ਤੂੰ ਸਾਨੂੰ ਦਿੱਲ ਵਿੱਚ ਰੱਖੀ
ਦਿਮਾਗ ਵਿੱਚ ਤਾਂ ਦੁਸ਼ਮਣ ਰੱਖਦੇ ਨੇ
