उससे प्यार बोहोत है ,
पर जताए कोन !
उसके लिए लिखता हु ,
पर सुनाए कोन !
उसके आशिको की लिस्ट में हैं हम भी ,
पर यार ये उसे बताए कोन !
उससे प्यार बोहोत है ,
पर जताए कोन !
उसके लिए लिखता हु ,
पर सुनाए कोन !
उसके आशिको की लिस्ट में हैं हम भी ,
पर यार ये उसे बताए कोन !

आजकल तुम्हारे बिना मुझे
कुछ भी अच्छा नहीं लगता है
जिधर भी देखु एकलौता मुझे
तुम्हारा ही चेहरा नजर आता है।
तू न दुनिया सी बन गयी हो मेरी ,
बस गुजारिस है तुमसे
की तुम दुनिया की तरह न हो जाना।
ठहरी हुयी सी मेरी
एक शाम हो गए हो तुम
बस गुजारिस है तुमसे
की तुम कहि ढल मत जाना
क्योकि तुमसे आगे मैंने
देखना अब छोड़ दिया है
तुम तक ही है मेरा अब जो भी है
बिन तुम्हारे भी चलना
मैंने अब छोड़ दिया है
तरुण चौधरी