Ye fard-e-jurm hai mujh par
Ki usse pyar karta hu
Mai filhaal to is ilzaam se inkar karta hu✨
ये फर्द-ए-जुर्म है मुझ पर
कि उससे प्यार करता हूँ
मैं फिलहाल तो इस इल्ज़ाम से इनकार करता हूँ✨
Ye fard-e-jurm hai mujh par
Ki usse pyar karta hu
Mai filhaal to is ilzaam se inkar karta hu✨
ये फर्द-ए-जुर्म है मुझ पर
कि उससे प्यार करता हूँ
मैं फिलहाल तो इस इल्ज़ाम से इनकार करता हूँ✨
Inn baaton par kon qayam rehta hai janaab,
Humne waqt ke sath iss waqt ko bhi badalte dekha hai ✌️
इन बातों पर कौन कायम रहता है जनाब,
हमने वक़्त के साथ इस वक़्त को भी बदलते देखा है ✌️
रात को रात, सुबह को सुबह लिखते हो
अच्छे को अच्छा बुरे को,बुरा लिखते हो
तुम्हें तो आदत है,दर्द को दर्द लिखने की
मतलब हम से बिल्कुल,जुदा लिखते हो
खुदा को तो, कभी लिखा ही नहीं तुमने
पत्थर को बना के मूरत,खुदा लिखते हो
तुम तो दुश्मनी में भी, करते हो व्यापार
बनकर हक़िम,ज़हर की दवा लिखते हो
बो तो लिख देता है,बेवफ़ाई को मज़बूरी
भैरव क्यूं बेवफ़ा को, बेवफ़ा लिखते हो