Faasle vdh gaye ne shayad
Taan hi dil de haal hun sanjhe nhi hunde..!!
ਫ਼ਾਸਲੇ ਵੱਧ ਗਏ ਨੇ ਸ਼ਾਇਦ
ਤਾਂ ਹੀ ਦਿਲ ਦੇ ਹਾਲ ਹੁਣ ਸਾਂਝੇ ਨਹੀਂ ਹੁੰਦੇ..!!
Faasle vdh gaye ne shayad
Taan hi dil de haal hun sanjhe nhi hunde..!!
ਫ਼ਾਸਲੇ ਵੱਧ ਗਏ ਨੇ ਸ਼ਾਇਦ
ਤਾਂ ਹੀ ਦਿਲ ਦੇ ਹਾਲ ਹੁਣ ਸਾਂਝੇ ਨਹੀਂ ਹੁੰਦੇ..!!
जिन्हें मोहब्बत थी मेरी मुस्कानों से
वे आज मेरा जिस्म चाहने लगे हैं
जो चाहते थे मैं हमेशा मुस्कुराऊं
वे आज मेरी मुस्कान ही छीनने लगे हैं
अपने चेहरे से जो ज़ाहिर है छुपायें कैसे अपने चेहरे से जो ज़ाहिर है छुपायें कैसे तेरी मर्जी के मुताबिक नज़र आयें कैसे घर सजाने का तसव्वुर तो बहुत बाद का है पहले ये तय हो की इस घर को बचाएं कैसे क़हक़हा आँख का बर्ताव बदल देता है हंसने वाले तुझे आंसू नज़र आयें कैसे कोई अपनी ही नज़र से तो हमें देखेगा एक कतरे को समंदर नज़र आयें कैसे लाख तलवरे झुकी अती हो गरदन की तरफ सर झुकाना नहीं आता तो झुकाएं कैसे