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Veh mundeya tere toh pyaar paal di, na mai paal di veh thara veh, buss doh pal mere naal beeta lah veh , firr murd na Milna dwara veh,

Mai rakha kii gi izzat Teri be teh satkaar kraa gi mappeya da, tu horr ki paal da mere toh tere toh vadd kraa gi tere mappeya da,

Jithe koi na khrdeh ga tere naal othe khrda gi tere naal veh,

Hovva geh khrdeh pehla pera teh ottoh baad chkka geh koi step mundeya, evveh jisma di pukh vich na kitteh lakh da kakh hojjiye na chkka geh Edda da koi step mundeya

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Title: Veh mundeya

Best Punjabi - Hindi Love Poems, Sad Poems, Shayari and English Status


Birbal story || hindi story

 

जब बीरबल बच्चा बना

एक दिन बीरबल दरबार में देर से पहुंचा। जब बादशाह ने देरी का कारण पूछा तो वह बोला, “मैं क्या करता हुजूर ! मेरे बच्चे आज जोर-जोर से रोकर कहने लगे कि दरबार में न जाऊं। किसी तरह उन्हें बहुत मुश्किल से समझा पाया कि मेरा दरबार में हाजिर होना कितना जरूरी है। इसी में मुझे काफी समय लग गया और इसलिए मुझे आने में देर हो गई।”

बादशाह को लगा कि बीरबल बहानेबाजी कर रहा है।

बीरबल के इस उत्तर से बादशाह को तसल्ली नहीं हुई। वे बोले, “मैं तुमसे सहमत नहीं हूं। किसी भी बच्चे को समझाना इतना मुश्किल नहीं जितना तुमने बताया। इसमें इतनी देर तो लग ही नहीं सकती।”

बीरबल हंसता हुआ बोला, “हुजूर ! बच्चे को गुस्सा करना या डपटना तो बहुत सरल है। लेकिन किसी बात को विस्तार से समझा पाना बेहद कठिन।”

अकबर बोले, “मूर्खों जैसी बात मत करो। मेरे पास कोई भी बच्चा लेकर आओ। मैं तुम्हें दिखाता हूं कि कितना आसान है यह काम।” “ठीक है, जहांपनाह !” बीरबल बोला, “मैं खुद ही बच्चा बन जाता हूँ और वैसा ही व्यवहार करता हूं। तब आप एक पिता की भांति मुझे संतुष्ट करके दिखाएं।”

फिर बीरबल ने छोटे बच्चे की तरह बर्ताव करना शुरू कर दिया। उसने तरह-तरह के मुंह बनाकर अकबर को चिढ़ाया और किसी छोटे बच्चे की तरह दरबार में यहां-वहां उछलने-कूदने लगा। उसने अपनी पगड़ी जमीन पर फेंक दी। फिर वह जाकर अकबर की गोद में बैठ गया और लगा उनकी मूछों से छेड़छाड़ करने।

बादशाह कहते ही रह गए, “नहीं…नहीं मेरे बच्चे ! ऐसा मत करो। तुम तो अच्छे बच्चे हो न।” सुनकर बीरबल ने जोर-जोर से चिल्लाना शुरू कर दिया। तब अकबर ने कुछ मिठाइयां लाने का आदेश दिया, लेकिन बीरबल जोर-जोर से चिल्लाता ही रहा।

अब बादशाह परेशान हो गए, लेकिन उन्होंने धैर्य बनाए रखा। वह बोले, “बेटा ! खिलौनों से खेलोगे ? देखो कितने सुंदर खिलौने हैं।” बीरबल रोता हुआ बोला, “नहीं, मैं तो गन्ना खाऊंगा।” अकबर मुस्कराए और गन्ना लाने का आदेश दिया।

थोड़ी ही देर में एक सैनिक कुछ गन्ने लेकर आ गया। लेकिन बीरबल का रोना नहीं थमा। वह बोला, “मुझे बड़ा गन्ना नहीं चाहिए, छोटे-छोटे टुकड़े में कटा गन्ना दो।”

अकबर ने एक सैनिक को बुलाकर कहा कि वह एक गन्ने के छोटे-छोटे टुकड़े कर दे। यह देखकर बीरबल और जोर से रोता हुआ बोला, “नहीं, सैनिक गन्ना नहीं काटेगा। आप खुद काटें इसे।”

अब बादशाह का मिजाज बिगड़ गया। लेकिन उनके पास गन्ना काटने के अलावा और कोई चारा न था। और करते भी क्या ? खुद अपने ही बिछाए जाल में फंस गए थे वह।

गन्ने के टुकड़े करने के बाद उन्हें बीरबल के सामने रखते हुए बोले अकबर, “लो इसे खा लो बेटा।”

अब बीरबल ने बच्चे की भांति मचलते हुए कहा, “नहीं मैं तो पूरा गन्ना ही खाऊंगा।”

बादशाह ने एक साबुत गन्ना उठाया और बीरबल को देते हुए बोले, “लो पूरा गन्ना और रोना बंद करो।”

लेकिन बीरबल रोता हुआ ही बोला, “नहीं, मुझे तो इन छोटे टुकड़ों से ही साबुत गन्ना बनाकर दो।”

“कैसी अजब बात करते हो तुम ! यह भला कैसे संभव है ?” बादशाह के स्वर में क्रोध भरा था।

लेकिन बीरबल रोता ही रहा। बादशाह का धैर्य चुक गया। बोले, “यदि तुमने रोना बन्द नहीं किया तो मार पड़ेगी तब।”

अब बच्चे का अभिनय करता बीरबल उठ खड़ा हुआ और हंसता हुआ बोला, “नहीं…नहीं ! मुझे मत मारो हुजूर ! अब आपको पता चला कि बच्चे की बेतुकी जिदों को शांत करना कितना मुश्किल काम है ?”

बीरबल की बात से सहमत थे अकबर, बोले, “हां ठीक कहते हो। रोते-चिल्लाते जिद पर अड़े बच्चे को समझाना बच्चों का खेल नहीं।”

 

Title: Birbal story || hindi story


MERE BAARE ME KI LIKHAN (ਮੇਰੇ ਬਾਰੇ ਮੈਂ ਕੀ ਲਿਖਾਂ)

ਮੇਰੇ ਬਾਰੇ ਮੈਂ ਕੀ ਲਿਖਾਂ
ਇਕ ਆਮ ਜਿਹਾ ਹਾਂ ਮੈਂ ਇਨਸਾਨ
ਯਾਰਾਂ ਨਾਲ ਮਾਣਾਂ ਮੌਜ਼ਾਂ
ਦੁਨੀਆ ਦੀ ਕੀ ਮੈਨੂੰ ਸਮਝ
ਜੋ ਮੈਨੂੰ ਕੁੱਝ ਸਿਖਾਵੇ,
ਮੈਂ ਉਸਤੋਂ ਹਾਂ ਸਿੱਖਾਂ
ਆਮ ਜਿਹਾ ਹਾਂ ਮੈਂ ਇਨਸਾਨ
ਮੇਰੇ ਬਾਰੇ ਮੈਂ ਕੀ ਲਿਖਾਂ

ਖੂਬਸੁਰਤ ਦੁਨੀਆ, ਖੂਬਸੁਰਤ ਕੁਦਰਤ
ਜਿਨੂੰ ਵੇਖ ਖੁਸ਼ ਹੋਵੇ ਮੇਰੀ ਰੂਹ
ਮੇਰਾ ਪਿੰਡ ਮੇਰੀ ਜਾਨ, ਪੰਜਾਬ ਮੇਰਾ ਮਾਣ
ਪੰਜਾਬੀ ਮੇਰੇ ਦਿਲ ਦੀ ਆਵਾਜ਼
ਜਿਸ ਤੋਂ ਬਿਨਾ ਨਾ ਰਹਿਣੀ ਜਿਸਮ ਚ ਜਾਣ
ਪੱਗੜੀ ਮੇਰੀ ਰੂਹ ਦੀ ਹੈ ਸ਼ਾਨ
ਜਿਵੇਂ ਇਕ ਰਾਜੇ ਦੇ ਸਿਰ ਦਾ ਤਾਜ਼
ਮੇਰੇ ਬਾਰੇ ਮੈਂ ਕੀ ਲਿਖਾਂ
ਇਕ ਆਮ ਜਿਹਾ ਹਾਂ ਮੈਂ ਇਨਸਾਨ

ਮਾਪਿਆਂ ਤੋਂ ਬਿਨਾ ਮੇਰੀ ਕੀ ਹੋਂਦ
ਮਿਲ ਜਾਵੇ ਭਾਂਵੇ ਦੁਨੀਆ ਦੀ ਬੇਸ਼ੁਮਾਰ ਘਰੋਂਦ
ਲੱਭਣੀ ਨੀ ਮੈਨੂੰ ਕਿਤੇ ਮਾਂ ਦੀ ਗੋਦ
ਉਹਨਾਂ ਤੋਂ ਬਿਨਾ ਇਹ ਦੁਨੀਆ ਹੈ ਕਲਪਿਤ
ਉਹਨਾ ਦੀ ਇਹ ਜ਼ਿੰਦਗੀ, ਉਹਨਾਂ ਨੂੰ ਹੀ ਸਮਰਪਿਤ
ਉਹਨਾ ਲਈ ਤਾਂ ਮੈਂ ਆਪਣੇ ਖੂਨ ਨਾਲ ਲਿਖਾਂ
ਆਮ ਜਿਹਾ ਹਾਂ ਮੈਂ
ਮੈਂ ਆਪਣੇ ਬਾਰੇ ਕੀ ਲਿਖਾਂ

ਦੁਨਿਆਵੀ ਪੜਾਈ ਪੂਰੀ ਕੀਤੀ
ਲੱਗਿਆ ਦੁਨੀਆਂ ਵਾਂਗ ਕਾਜ਼
ਜਿੱਥੇ ਇਕ ਕੁੜੀ ਨੇ ਮੋਹ ਲਿਆ ਦਿਲ ਨੂੰ
ਤੇ ਬਦਲਤਾ ਮੇਰਾ ਸਮਾਜ਼
ਇਸਕ ਕਿਤਾਬਾਂ ਜਿੰਨੀਆਂ ਪੜੀਆ
ਆਸ਼ਕ ਰੁਲਿਆ
ਦਿਲ ਨੂੰ ਮੈਂ ਸਮਝਾਇਆ
ਇਹ ਨਾ ਮੰਨਿਆ, ਇਹਨੇ ਰਾਤਾਂ ਨੂੰ ਜਗਾਇਆ
ਆਖਿਰ, ਉਸਨੂੰ ਮੈਂ ਦਿਲ ਦਾ ਹਾਲ ਸੁਣਾਇਆ
ਕੁਝ ਕੁ ਪਲ ਮਿਲੀ ਖੁਸ਼ੀ, ਫਿਰ ਉਹ ਕਾਲੀ ਰਾਤ
ਦਿਲ ਰੋਇਆ, ਸਾਰੀ ਰਾਤ ਨਾ ਸੋਇਆ
ਭੱਖਦਾ ਦਿਲ ਕਡੇ ਨੈਣਾਂ ਚੋਂ ਪਾਣੀਆਂ ਦਾ ਉਛਾਲ
ਹੌਲੀ ਹੌਲੀ ਸੰਭਲਿਆ
ਖਾਰਿਆਂ ਨੂੰ ਅੱਖਰਾਂ ਚ ਜੜਾਉਣਾ ਸਿਖਿਆ
ਤੇ ਜ਼ਿੰਦਗੀ ਨੂੰ ਜਿਉਣਾ ਸਿੱਖਿਆ
ਰੰਗਾਂ ਨਾਲ ਮੁੜ ਪਿਆਰ ਪਾਇਆ
ਤੇ ਦਰਦਾਂ ਨੂੰ ਛੁਪਾਉਣਾ ਸਿਖਿਆ
ਕੁਝ ਕੁਦਰਤ ਦੀਆਂ ਤਸਵੀਰਾਂ
ਤੇ ਕੁਝ ਉਹਦੀਆਂ ਬਣਾਉਣਾ ਸਿਖਿਆ

ਸਾਰੀ ਉਮਰੇ ਗਗਨ ਕੋਲੋਂ
ਉਹਦਾ ਇਹ ਅਹਿਸਾਨ ਨੀ ਚੁਕਾਇਆ ਜਾਣਾ
ਇਹ ਮੈਂ ਇਕੱਲਾ ਨੀ, ਜੋ ਕੁਦਰਤ ਨੇ ਖੇਡ ਰੱਚਿਆ
ਇਹ ਆਮ ਹੈ, ਤੇ ਮੈਂ ਇਕ ਆਮ ਇਨਸਾਨ ਹਾਂ
ਮੈਂ ਆਪਣੇ ਬਾਰੇ ਕੀ ਲਿਖਾਂ
ਬਹੁਤਿਆਂ ਦਾ ਏਹਿਓ ਹਾਲ ਆ

ਇਹ ਸਾਇਟ ਕਿਉਂ ਬਣਾਈ
ਇਹ ਸਿਰਫ ਮੇਰੇ ਦਿਲ ਦਾ ਖਿਆਲ ਆ
ਕਿ ਸ਼ਇਦ “ਜ਼ਿੰਦਗੀ ਉਹਦੇ ਨਾਮ” ਆ…………..

Mere bare me ki likhan
ik aam jeha haan me insaan
yaaran naal maana maujan
duniya di ki mainu samajh
jo mainu kujh sikhawe,
me uston haa sikhan
aam jeha haa me insaan
mere baare me ki likhan

khoobsurat duniya, khubsurat kudrat
jinu vekh khush howe meri rooh
mera pind meri jaan, punjab mera maan
punjabi mere dil di awaaz
jis ton bina na rehni jism ch jaan
paghri meri rooh di hai shaan
jive ik raje de sir da taaz
mere baare me ki likhan
ik aam jeha haan me insaan

Maapeyaan ton bina meri ki hond
mil jawe bhawe duniyaa di beshumar gharond
labhni ni mainu kite maa di god
ohna ton bina eh duniya hai kalpit
ohna di eh zindagi ohnu nu hi samarpit
ohna lai taan me apne khoon naal likha
aam jeha haan me
me apne baare ki likhan

duniyavi padhai poori kiti
lageya duniya vaang kaaj
jithe ik kudi ne moh leya dil nu
te badalta mera samajh
ishq kitaban jiniyaa padhiyaan
aashq ruleya
dil nu me samjayea
eh na maneya, ehne raatan nu jagayea
akhir, usnu me dil da haal sunayea
kujh ku pal mili khushi, fir oh kali raat
dil royea, sari raat na soyea
bhakhda dil kadhe naina cho paniyaan de uchhal
hauli hauli sambhleya
khareyaa nu akhraan ch jarrauna sikhyea
te zindagi nu jeona sikhiya
ranga nal mudh pyar payea
te darda nu chhupauna sikhiya
kujh kudrat diyaan tasveeran
te kujh ohdiyaan bunauna sikhiyaa

sari umre ‘Gagan’ kolon
ohda eh ehsan ni chukayea jaana
eh me ikala ni, jo kudrat ne khed racheya
eh aam hai, te me ik aam insaan ha
me apne baare ki likhan
bahuteyan da ehio haal aa

eh site kyu banai
eh sirf mere dil da khyal aa
k shayed “Zindagi ohde naam” aa

Title: MERE BAARE ME KI LIKHAN (ਮੇਰੇ ਬਾਰੇ ਮੈਂ ਕੀ ਲਿਖਾਂ)