
Viraan raawan te behan da mainu koi shaunk nai aa
bas dimaag ton jaada dil di man lainda haan
unjh gumiyaan soortaan labhan da koi shaunk nai aa

Viraan raawan te behan da mainu koi shaunk nai aa
bas dimaag ton jaada dil di man lainda haan
unjh gumiyaan soortaan labhan da koi shaunk nai aa
haqeeqat chhod na jaane kis duniyaa me goom rahi thi
is pathar si duniyaa me sheeshe sa dil liye goom raho thi
हकीकत छोड़ ना जाने किस दुनिया में गुम रही थी!!!!
इस पत्थर सी दुनिया में शीशे सा दिल लिए घूम रही थी।।
अंकुर मिट्टी में सोया था सपने मै खोया था
नन्हा बीज हवा ने लाकर एक जगह बोया था।
तभी बीज ने ली अंगड़ाई देह जरा सी पाई
आंख खोलकर बाहर आया, दुनिया पड़ी दिखाई
खाद्य मिली पानी भी पाया ऐसे जीवन आया
ऊपर बड़ा इधर, धरती में नीचे उधर समाया।
तने डालिया पत्ते आए और फल मुस्कराए
नन्हा बीज वृक्ष बनकर धरती पर लहराए।
जीता मरता रोगी होता दुख आने पर सोता
वृक्ष सांस लेता बढ़ता है जगता है फिर सोता।
रोज शाम को चिड़िया आती सारी रात बिताती
बड़े सवेरे जाग वृक्ष, पर ची ची ची ची गाती।
छाया आती बड़ी सुआती सब टोली झूट जाती
तरह तरह के खेल वर्क्ष के नीचे बैठ रचती।