woh jo be-wajah bani
use pata hai wajah meri maut ki
ਵੋਹ ਜੋ ਵਜਹ ਬੇ-ਵਜਹ ਬਣੀ
ਉਸੇ ਪਤਾ ਹੈ ਵਜਹ ਮੇਰੀ ਮੋਤ ਕੀ
woh jo be-wajah bani
use pata hai wajah meri maut ki
ਵੋਹ ਜੋ ਵਜਹ ਬੇ-ਵਜਹ ਬਣੀ
ਉਸੇ ਪਤਾ ਹੈ ਵਜਹ ਮੇਰੀ ਮੋਤ ਕੀ
आसमां छूने की ख्वाहिश किसकी नहीं होती,
बस फर्क इतना है, हर किसी की पूरी नहीं होती,
पूरी होती है उनकी, जो पसीने की बूंदे नही गिनते ,
अब दुआओं में मेहनत जितनी बरकत कहां होती,
किसने कहा दुआओं से सब हासिल हो जाता है,
ऐसा कुछ होता तो आज किसी की हसरतें बाकी ना होती,
मसला हसरतों का है इसीलिए मेहनत की तालीम सीखी है,
कुछ तो कमी है खुदा मेरे, जो दुआएं आज थोड़ी फीकी है...
समंदर सी उसकी आंखें थी, डूबा तो किनारा खो गया..
दिल मेरा जंगल का शेर सा था, लहरों में बेचारा रो गया..
शुक्र है वहां कश्ती मिली मुझे, कश्ती से सहारा हो गया..
बाहर आया जब उसकी आँखों से, उसके इश्क का मारा हो गया..