करें परिंदे बात गगन में, आज पानी कहीं नहीं दिख रहा..
दूजा कहे, अरे दिखे कहां से, वो देख दुकान में बिक रहा..
गरमी है बहुत, अरे जाए कहाँ, बदन भट्टी जैसे सिक रहा..
प्यास लगी है बहुत मुझे, मगज एक जगह नहीं टिक रहा..
अरे कुछ तो कर पानी का भाई, ठंडा नहीं तो गरम पिला..
दौडाई नजर दूजे ने हर ओर, दोस्त का दुख उससे न झिला..
वो देख वहां शायद कुछ है, खुशी से अब चेहरा है खिला..
पानी थोडा, लड बेठे वो, पहले मुझे मिला.. पहले मुझे मिला..
Keep some water on the roof for birds in summer🙏
Eh ishq shuruaat ch
mitha lagda badha
baad ch peena eh nu aukha hunda ae
jo koi karle ishq
beshumaar oh baala fir raunda ae
ਐਹ ਇਸ਼ਕ ਸ਼ੁਰੁਆਤ ਚ
ਮਿੱਠਾ ਲਗਦਾ ਬੜਾ
ਬਾਦ ਚ ਪਿਣਾ ਐਹ ਨੂੰ ਔਖਾ ਹੋਂਦਾ ਐਂ
ਜੋ ਕੋਈ ਕਰਲੇ ਇਸ਼ਕ
ਬੇਸੂਮਾਰ ਓਹ ਬਾਲਾਂ ਫਿਰ ਰੋਂਦਾ ਐ
—ਗੁਰੂ ਗਾਬਾ 🌷