वक़्त तो अब लफ़्ज़ों में दिया जाता है,
रूबरू तो महज दिखावा किया जाता है
waqt to ab lafzo me diya jaata hai
roobroo to meha dikhawa kiya jaata hai
वक़्त तो अब लफ़्ज़ों में दिया जाता है,
रूबरू तो महज दिखावा किया जाता है
waqt to ab lafzo me diya jaata hai
roobroo to meha dikhawa kiya jaata hai
Kuch galtiyan bhut der mein samjh aayi humein
Teri keemat tere baad samjh aayi humein
Ab piche mudta hu to sab khaakh dikhayi deta hai
Ghar ki keemat jal jane ke baad samjh aayi humein💔
कुछ गलतियां बोहोत देर मे समझ आई हमे
तेरी कीमत तेरे बाद समझ आई हमे
अब पीछे मुड़ता हु तो सब खाख दिखाई देता है
घर की कीमत जल जाने के बाद समझ आई हमे💔
किसी ने अच्छा,किसी ने बुरा बताया है
मेरे बारे जिसने जो सुना,वही सुनाया है
हम दोनो के दिन पर,टंगी है एक तख्ती
उसने सावधान, हमने खतरा लगाया है
हम जब जब बढ़े हैं,तो गिराया है उसने
वो जब जब गिरा, हमने हाथ बढ़ाया है
भैरव,मेरा कोहिनूर,ये पूछ रहा है हमसे
अरे क्यूं नाम के आगे,फ़कीर लगाया है