वक़्त तो अब लफ़्ज़ों में दिया जाता है,
रूबरू तो महज दिखावा किया जाता है
waqt to ab lafzo me diya jaata hai
roobroo to meha dikhawa kiya jaata hai
वक़्त तो अब लफ़्ज़ों में दिया जाता है,
रूबरू तो महज दिखावा किया जाता है
waqt to ab lafzo me diya jaata hai
roobroo to meha dikhawa kiya jaata hai
Agar apni kismat likhne ka zara sa bhi hak ho mujhe,
To apne naam ke sath tujhe har baar likhu😍..!!
अगर अपनी किस्मत लिखने का जरा सा भी हक हो मुझे,
तो अपने नाम के साथ तुझे हर बार लिखूं😍..!!
बिछड़ते वक्त,एक दर्द और दे गया
दिल में रहा,फिर दिल ही ले गया
अब खाली बादल है, ज़िंदगी मेरी
वो सर्दी गर्मी, सारे मौसम ले गया
यही सोच कर रोता हूं, अक्सर मैं
किस जगह अपने, कदम ले गया
छोटी-छोटी बात,सोचने वाला मैं
क्यूं बड़ा फैसला, एकदम ले गया
तोहफ़े भी लिए, और दिए बहुत
वो खुशी ले गया, मैं गम ले गया
और फिर होतीं रहीं, बारिशे वहां
मैं जहां से भी आंखें, नम ले गया