

कोई बुतखाने में तो कोई महखाने में सच्चे होते है….
लोग वो है जो जबान के पक्के होते है….
वो महीने भर से भूखी है, खुदा पाने के लिए,
हमारे लिए जिसके पांव के बिच्छु ही मक्के होते है….
मुक्कमल हो इश्क तो बिस्तर पर खत्म हो जाता है,
इसलिए इश्क, रास्ते और किस्से अधूरे ही अच्छे होते है….
हर्ष✍️
Roz din ehi hisaab launde nikal janda e
Shayad sabh badal gya e
Nahi duniya hi badal gyi e
Ja shayad asi hi badal gye haan..!!
ਰੋਜ਼ ਦਿਨ ਇਹੀ ਹਿਸਾਬ ਲਾਉਂਦੇ ਨਿਕਲ ਜਾਂਦਾ ਏ
ਸ਼ਾਇਦ ਸਭ ਬਦਲ ਗਿਆ ਏ
ਨਹੀਂ ਦੁਨੀਆਂ ਹੀ ਬਦਲ ਗਈ ਏ
ਜਾਂ ਸ਼ਾਇਦ ਅਸੀਂ ਹੀ ਬਦਲ ਗਏ ਹਾਂ..!!