
“फिर आज युंहिं मौसम बदला, चहकती
देखो हर एक डाल है..
मद्धम सी बरसात हुई, छिल गई कई पेड़ों की छाल है..
हर पत्ते हर डाली ने पूछा, क्या दर्द हुआ? क्या तेरा हाल है..
कहा हुआ हूं, नया मैं फिर से, क्या जानो तुम कुदरत कमाल है..
मुझको ताकत दी है इतनी, शक्ति मेरी बेमिसाल है..
हर जीव में सांसें भरता हूं, सब करते मेरा इस्तेमाल है..
काटेंगे मुझे तो भुगतेंगे, कुदरत का कहर सबसे विशाल है..
बे-मौसम जो मौसम बदल रहे हैं, जवाब पता है, फिर भी सवाल है..”
Tu jazbaat ban mein lafaz ban jawa😇
Tu Panna howe mein Kalam ban jawa❤️
Tu hath howe mein shooh ban jawa🥀
Tu jism ban mein rooh ban jawa🥰..!!
ਤੂੰ ਜਜ਼ਬਾਤ ਬਣ ਮੈਂ ਲਫਜ ਬਣ ਜਾਵਾਂ😇
ਤੂੰ ਪੰਨਾ ਹੋਵੇ ਮੈਂ ਕਲਮ ਬਣ ਜਾਵਾਂ❤️
ਤੂੰ ਹੱਥ ਹੋਵੇਂ ਮੈਂ ਛੂਹ ਬਣ ਜਾਵਾਂ🥀
ਤੂੰ ਜਿਸਮ ਬਣ ਮੈਂ ਰੂਹ ਬਣ ਜਾਵਾਂ🥰..!!