वो हक हक की बात करके हकीकत से काफी दूर हो गए । उन्हें क्या मालूम था कि जिस हक की वो बात कर रहे हैं उस हक पर उनके अलावा किसी का हक जताने का भी हक नही है। ❤️
वो हक हक की बात करके हकीकत से काफी दूर हो गए । उन्हें क्या मालूम था कि जिस हक की वो बात कर रहे हैं उस हक पर उनके अलावा किसी का हक जताने का भी हक नही है। ❤️
mohabbat bhee hotee hai to zarurat ke pesh-e-nazar,
ab ek nazar mein lut jaane ka zamaana nahin raha…
मोहब्बत भी होती है तो ज़रुरत के पेश-ए-नज़र,
अब एक नज़र में लुट जाने का ज़माना नहीं रहा…
Sukun kaha hai ab aisi aab-o-hawa mein
Chal rahi hai zindagi apni apni wafa mein
Tu wafadar bhi hai aur adakaar bhi e zindagi
Jaan chuka hu tere kirdaar, mein pehli hi dafa mein…💯🍂
सुकूं कहां है अब ऐसी आब-ओ-हवा में,
चल रही है जिंदगी अपनी, अपनी वफा में,
तू वफादार भी है और अदाकार भी ए-जिंदगी,
जान चुका हूं तेरे किरदार, मैं पहली ही दफा में…💯🍂