वो हक हक की बात करके हकीकत से काफी दूर हो गए । उन्हें क्या मालूम था कि जिस हक की वो बात कर रहे हैं उस हक पर उनके अलावा किसी का हक जताने का भी हक नही है। ❤️
वो हक हक की बात करके हकीकत से काफी दूर हो गए । उन्हें क्या मालूम था कि जिस हक की वो बात कर रहे हैं उस हक पर उनके अलावा किसी का हक जताने का भी हक नही है। ❤️
Shaam ek umar ki trah, dheere dheere dhal rahi hai
Kehne ko to khas nhi, zindagi fir bhi chal rahi hai
Behtreen lamho ko yaad kar, gamo ko bhulane ki chaht mein
Aaj ke din ko aur khatam kar, raat bhi nikal rahi hai…
शाम एक उर्म की तरह, धीरे धीरे ढल रही है..
कहने को तो खास नहीं, जिंदगी फिर भी चल रही है..
बेहतरीन लम्हों को याद कर, गमों को भुलाने की चाहत में..
आज के दिन को और खत्म कर, रात भी निकल रही है….
do hi rule ne Zindagi de
maape door nhi hon dene
supne jehde dekhe ne ohna nu nahi saun dene
sabisingh……