Woh khamosh kush is tarah kadar hai
jaise koi intkaam le reha hai
वो खामोश कुछ इस कदर है
जैसे कोई इंतकाम ले रहा हो।।
~रूचिता सिन्हा
Enjoy Every Movement of life!
Woh khamosh kush is tarah kadar hai
jaise koi intkaam le reha hai
वो खामोश कुछ इस कदर है
जैसे कोई इंतकाम ले रहा हो।।
~रूचिता सिन्हा
यूं तो ख्वाहिशें हजार है मेरी पर पहली और आखिरी तुम हो😍
Yun to mushkile hjaar hai meri par pehli aur akhiri tum ho😍
प्यार जिंदगी को खूबसूरत बनाने के लिए है,
पर जिंदगी बस दर्द बढ़ाने के लिए है,
मेरे अंदर की उदासी काश… कोई पढ़ ले,
ये हंसता हुआ चेहरा तो दुनिया के लिए है।