Woh khamosh kush is tarah kadar hai
jaise koi intkaam le reha hai
वो खामोश कुछ इस कदर है
जैसे कोई इंतकाम ले रहा हो।।
~रूचिता सिन्हा
Enjoy Every Movement of life!
Woh khamosh kush is tarah kadar hai
jaise koi intkaam le reha hai
वो खामोश कुछ इस कदर है
जैसे कोई इंतकाम ले रहा हो।।
~रूचिता सिन्हा
खून गरम है,
तो कोशिश करो की सही जगह आंच लगे...
ना फेकना इस कीचड़ में पत्थर,
कहीं ऐसा ना हो,
तुम्हारे दामन में ही दाग लगे...
रूह से कैसी दिल्लगी,
जिस्म तन्हा कर जाएगी इक दिन...
बस ईमान ऐसा रखना दोस्त मेरे,
के तेरी कब्र देखकर,
हर किसी के सीने में आग लगे...
Sarab aur mera kai baar breakup ho chuka hai
par kambakht har baar mujhe mna leti hai
शराब और मेरा कई बार ब्रेकअप हो चुका है
पर कमबख्त हर बार मुझे मना लेती है