वो खुशनसीब कौन है,
जिसका तुमने दीदार किया,
मैं तो मिट्टी हो चला हूं इस मिट्टी में,
तुम्हारे साएं का पीछा करते करते... Woh khushnaseeb kon hai jiska tumne deedar kiya
me to mitti ho chala hu is mitti me
tumahre saaye ka peesha karte karte
वो खुशनसीब कौन है,
जिसका तुमने दीदार किया,
मैं तो मिट्टी हो चला हूं इस मिट्टी में,
तुम्हारे साएं का पीछा करते करते... Woh khushnaseeb kon hai jiska tumne deedar kiya
me to mitti ho chala hu is mitti me
tumahre saaye ka peesha karte karte
अपने चेहरे से जो ज़ाहिर है छुपायें कैसे अपने चेहरे से जो ज़ाहिर है छुपायें कैसे तेरी मर्जी के मुताबिक नज़र आयें कैसे घर सजाने का तसव्वुर तो बहुत बाद का है पहले ये तय हो की इस घर को बचाएं कैसे क़हक़हा आँख का बर्ताव बदल देता है हंसने वाले तुझे आंसू नज़र आयें कैसे कोई अपनी ही नज़र से तो हमें देखेगा एक कतरे को समंदर नज़र आयें कैसे लाख तलवरे झुकी अती हो गरदन की तरफ सर झुकाना नहीं आता तो झुकाएं कैसे
asi jhoothe haa jhoothe hi sahi
suchaa tu ban
jine zakham dene si hun bas de laye
hun apnaa jeha na tu ban
ਅਸੀਂ ਝੁਠੇ ਹਾਂ ਝੁਠੇ ਹੀ ਸਹੀ
ਸੁੱਚਾ ਤੂੰ ਬਣ
ਜਿਨੇਂ ਜਖ਼ਮ ਦੇਣੇ ਸੀ ਹੁਣ ਬੱਸ ਦੇ ਲਏ
ਹੁਣ ਆਪਣਾਂ ਜਿਹਾਂ ਨਾ ਤੂੰ ਬਣ
—ਗੁਰੂ ਗਾਬਾ