वो खुशनसीब कौन है,
जिसका तुमने दीदार किया,
मैं तो मिट्टी हो चला हूं इस मिट्टी में,
तुम्हारे साएं का पीछा करते करते... Woh khushnaseeb kon hai jiska tumne deedar kiya
me to mitti ho chala hu is mitti me
tumahre saaye ka peesha karte karte
वो खुशनसीब कौन है,
जिसका तुमने दीदार किया,
मैं तो मिट्टी हो चला हूं इस मिट्टी में,
तुम्हारे साएं का पीछा करते करते... Woh khushnaseeb kon hai jiska tumne deedar kiya
me to mitti ho chala hu is mitti me
tumahre saaye ka peesha karte karte
अगर औरत नहीं होती, तो मुहब्बत नहीं होती।
अगर बंगाल माँ नहीं होती, तो भारत माता भी नहीं होती।
हर एक इंसान के पास दिल है।
भारत में भी बंगाल है।
मर्द सिर्फ इंसान होता है।
औरत केवल माँ होती है।
इंसान को दुःख देने में बहुत मज़ा आता है।
इंसान का दुःख में सिर्फ कुत्ते रोते हैं।
जिंदगी का स्टेशन पर ट्रेन रुक गई।
समय कभी रुकता नहीं, छुट्टी गुज़र गई।
समय की नदी, मैं अकेला नहीं।
पिता नाव है, माँ मांझी, जिंदगी यही।
RAVAAN HU MAI RAM NHI
BHAGT HU MAHAKAAL KA
VYAKTI ME KOI AAM NHI
PARCHAND HU ME KAAL SA
SEETA HARAN KAR K BHI
RAKHA UUSA PAK QURAN SA
RAVAAN HU MAI RAM NHI
BAHAGT HU MAHAKAAL KA
TINO (3) LOK HAI MERA AADHIN
SHAKTI-SHAALI KOI NA HAI DASHANAN TUFAAN SA
RAVAAN HU MAI RAM NHI
BHAGAT HU MAHAKAAL KA