Dil nu samjhaun vich nakaam hoye haan
Teriyan yaadan de sajjna gulam hoye haan..!!
ਦਿਲ ਨੂੰ ਸਮਝਾਉਣ ਵਿੱਚ ਨਾਕਾਮ ਹੋਏ ਹਾਂ
ਤੇਰੀਆਂ ਯਾਦਾਂ ਦੇ ਸੱਜਣਾ ਗੁਲਾਮ ਹੋਏ ਹਾਂ..!!
Dil nu samjhaun vich nakaam hoye haan
Teriyan yaadan de sajjna gulam hoye haan..!!
ਦਿਲ ਨੂੰ ਸਮਝਾਉਣ ਵਿੱਚ ਨਾਕਾਮ ਹੋਏ ਹਾਂ
ਤੇਰੀਆਂ ਯਾਦਾਂ ਦੇ ਸੱਜਣਾ ਗੁਲਾਮ ਹੋਏ ਹਾਂ..!!
chlo ase ta khosh nahi rakh sake,
kise hor nal moja manda na,
aj sanu dekh ka ro paya……
wha oye rabba lagda aj ve sanu pachanda na
माथे पे तिलक लगाकर कूद पड़े थे अंग़ारो पे,
माटी की लाज के लिए उनके शीश थे तलवारों पे।
भगत सिंह की दहाड़ के मतवाले वो निर्भर नहीं थे किन्ही हथियारों पे,
अरे जब देशहित की बात आए तो कभी शक ना करो सरदारों पे॥
आज़ादी की थी ऐसी लालसा की चट्टानों से भी टकरा गये,
चंद आज़ादी के रणबाँकुरो के आगे लाखों अंग्रेज मुँह की खा गये।
विद्रोह की हुंकार से गोरों पे मानो मौत के बादल छा गये,
अरे ये वही भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव है जिनकी बदौलत हम आज़ादी पा गये॥
आज़ादी मिली पर इंक़लाब की आग में अपने सब सुख-दुःख वो भूल गये,
जननी से बड़ी माँ धरती जिसकी ख़ातिर भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु झूल गये॥
अब राह तक रही उस माँ को कौन जाके समझाएगा,
कैसे बोलेगा उसको की माँ अब तेरा लाल कभी नहीं आएगा।
बस इतना कहूँगा कि धन्य हो जाएगा वो आँचल जो भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु सा बेटा पाएगा,
क्योंकि इस माटी का हर कण और बच्चा-बच्चा उसे अपने दिल में बसाएगा॥