Me manta hu k yaad tujhe bhi meri beshak aati hogi,
magar mere jitni nahi
मैं मानत हूँ कि याद तुझे भी मेरी बेशक आती होगी,
मगर मेरे जितनी नहीं।
-विक्रम
Me manta hu k yaad tujhe bhi meri beshak aati hogi,
magar mere jitni nahi
मैं मानत हूँ कि याद तुझे भी मेरी बेशक आती होगी,
मगर मेरे जितनी नहीं।
-विक्रम
kyu raatein guzarti nahi hai
kyu baatein sambhalti nahi hai
kyu aksar ye hota hai
ki tumhari yaadein zehen se utarti nahi hai ..❤️
रोशनी भरी थी राहें मेरी, जाने कब अंधेरी हो गई..
मंजिल की तलाश में राहों से यारी, और भी गहरी हो गई..
जिन मंजिलों से लेना-देना ना था, वो बदली और मेरी हो गई..
गैर मंजिलों को इतना वक्त दिया के, खुद मंजिल मेरी खो गई..
खैर कोशिशों में कोई कमी ना थी, जो नाकाम मेरी हो गई..
मेरी मंजिल की तलाश अब भी जारी है, भले क्यूं ना देरी हो गई..
भले क्यूं ना देरी हो गई..