
Teri yaadan di dunghai dunghe paniyan to ghatt nahi..!!

दोनों जहान तेरी मोहब्बत में हार के
वो जा रहा है कोई शब-ए-ग़म गुज़ार के
वीराँ है मैकदा ख़ुम-ओ-साग़र उदास है
तुम क्या गये के रूठ गये दिन बहार के
इक फ़ुर्सत-ए-गुनाह मिली वो भी चार दिन
देखे हैं हमने हौसले परवर-दिगार के
दुनिया ने तेरी याद से बेगाना कर दिया
तुझ से भी दिल फ़रेब हैं ग़म रोज़गार के
भूले से मुस्कुरा तो दिये थे वो आज ‘फ़ैज़’
मत पूछ वलवले दिलए-ना-कर्दाकार के
Apni yaado se kaho ki ek din ki chhutti de mujhe 😶
Ishq ke hisse me bhi ek din itwar hona chahiye😍
अपनी यादों से कहो कि एक दिन की छुट्टी दे मुझे😶
इश्क़ के हिस्से में भी एक दिन इतवार होना चाहिए😍