dil me bujhi aag fir se bhadhkaa rahe ho kyu
tan se toh tum door ho fir yaado me aa rahe ho kyu
ਦਿਲ ਮੇ ਬੁਝੀ ਆਗ ਫਿਰ ਸੇ ਭੜਕਾਅ ਰਹੇ ਹੋ ਕਿਉ,,
ਤਨ ਸੇ ਤੋਹ ਤੁਮ ਦੂਰ ਹੋ ਫਿਰ ਯਾਦੋ ਮੈ ਆ ਰਹੇ ਹੋ ਕਿਉ ।
dil me bujhi aag fir se bhadhkaa rahe ho kyu
tan se toh tum door ho fir yaado me aa rahe ho kyu
ਦਿਲ ਮੇ ਬੁਝੀ ਆਗ ਫਿਰ ਸੇ ਭੜਕਾਅ ਰਹੇ ਹੋ ਕਿਉ,,
ਤਨ ਸੇ ਤੋਹ ਤੁਮ ਦੂਰ ਹੋ ਫਿਰ ਯਾਦੋ ਮੈ ਆ ਰਹੇ ਹੋ ਕਿਉ ।
kidaa haal sunaawa dil da
maadhe hoye paye haa halaat
tusu rehn do ki karna
karke bekadreyaa di baat
ਕਿਦਾਂ ਹਾਲ ਸੁਣਾਵਾਂ ਦਿਲ ਦਾ
ਮਾੜੇ ਹੋਏ ਪਏ ਹਾਂ ਹਲਾਤ
ਤੂੰਸੀ ਰੇਹਣ ਦੋ ਕਿ ਕਰਨਾਂ
ਕਰਕੇ ਬੇਕਦਰੇਆ ਦੀ ਬਾਤ
—ਗੁਰੂ ਗਾਬਾ
हर दिन वही सूरज निकलता है,
हर रात वही चाँद भी चमकता है,
आसमान भी वही है और इंसान भी।
तो फिर हर दिन नया सा क्यों लगता है…
नई उम्मीद से जीने का हौसला कहाँ से मिलता है…
ये ख़ुदा, तेरी कुदरत का क्या कहें…
इंसान जितना भी पुराना हो,
ज़िंदगी का हर दिन एक नया सफ़र बन जाता है।
हर रात वही चाँद भी चमकता है,
आसमान भी वही है और इंसान भी।
तो फिर हर दिन नया सा क्यों लगता है…
नई उम्मीद से जीने का हौसला कहाँ से मिलता है…
ये ख़ुदा, तेरी कुदरत का क्या कहें…
इंसान जितना भी पुराना हो,
ज़िंदगी का हर दिन एक नया सफ़र बन जाता है।” target=”_blank” rel=”noopener noreferrer nofolllow external”>Translate Facebook Whatsapp