तेरे ज़ख्म को सीने से लगाए, इस ज़माने में जीने की कोशिश कर रहें हैं।
- तेरी यादें जो जहर बन गई हैं उसे दिल से निकलकर पीने की कोशिश कर रहें है
Enjoy Every Movement of life!
तेरे ज़ख्म को सीने से लगाए, इस ज़माने में जीने की कोशिश कर रहें हैं।
Sacha pyaar bhi hota hai
jo dil se hota hai na ki rang se.
मेरी एक गली,उसकी गली से जुड़ी है
मेरे पाव नहीं मुड़े, यही सड़क मुड़ी है
मैं मुस्कुराकर,बोल पड़ा इन दोस्तों से
देखो मेरी ज़न्नत, खिड़की पर खड़ी है
उतने ऊपर, मेरा खुदा भी नहीं दोस्त
उनकी कलाई पे जितनी,चूड़ी चड़ी है
मेरे पूरे हुज़रे पर, साया करती है वो
शहर में उनकी बिल्डिंग इतनी बड़ी है