तेरे ज़ख्म को सीने से लगाए, इस ज़माने में जीने की कोशिश कर रहें हैं।
- तेरी यादें जो जहर बन गई हैं उसे दिल से निकलकर पीने की कोशिश कर रहें है
तेरे ज़ख्म को सीने से लगाए, इस ज़माने में जीने की कोशिश कर रहें हैं।
Kuch begairat sawalon ke jwab hazir hain
Kuch bhooli bisri yaadein aaj bhi mutasir hain
Ek mashal jala kar chand dhundne chale the
Dekh lo tum bhi, vo kal bhi musafir the aaj bhi musafir hain…✨💯
कुछ बेगैरत सवालों के जवाब हाज़िर हैं,
कुछ भूली बिसरी यादें आज भी मुतासिर हैं,
एक मशाल जला कर चांद ढूंढने चले थे,
देख लो तुम भी, वो कल भी मुसाफिर थे आज भी मुसाफिर हैं…✨💯
Zindagi se shikwa nahi ke
Usne gam ka aadi bana diya
Gila to unse hai jinhone,
Roshni ki umeed dikha ke
Diya hi bujha diya….💯💔
ज़िंदगी से शिकवा नहीं कि,
उसने गम का आदी बना दिया….
गिला तो उनसे हैं जिन्होंने,
रोशनी की उम्मीद दिखा के
दिया ही बुझा दिया…..💯💔