ज़िंदगी को तन्हा वीरानों में रहने दो,
ये वफ़ा की बातें ख्यालो में रहने दो,
हक़ीक़त में आजमाने से टूट जाते हैं दिल अकसर,
ये इश्क़, दोस्ती और मोहब्बत किताबों में रहने दो…💯✨️
Enjoy Every Movement of life!
ज़िंदगी को तन्हा वीरानों में रहने दो,
ये वफ़ा की बातें ख्यालो में रहने दो,
हक़ीक़त में आजमाने से टूट जाते हैं दिल अकसर,
ये इश्क़, दोस्ती और मोहब्बत किताबों में रहने दो…💯✨️
वो भी हमको मिल गया है क्या सितम है,
ग़म ही ग़म है क्या ही क्या है क्या सितम है।
देख ले इक मर्तबा तेरी तरफ़ जो,
रात दिन मांगे दुआ है क्या सितम है।
ज़िंदगी मेरी कहीं बस बीत जाए
बे वफ़ा तो हो गया है क्या सितम है।
इश्क़ तेरा अब जहर सा हो गया है,
वो जहर ही अब दवा है क्या सितम है।
आज कल घर से निकलते ही नहीं हो,
यार तुमको क्या हुआ है क्या सितम है।
