ज़िंदगी को तन्हा वीरानों में रहने दो,
ये वफ़ा की बातें ख्यालो में रहने दो,
हक़ीक़त में आजमाने से टूट जाते हैं दिल अकसर,
ये इश्क़, दोस्ती और मोहब्बत किताबों में रहने दो…💯✨️
ज़िंदगी को तन्हा वीरानों में रहने दो,
ये वफ़ा की बातें ख्यालो में रहने दो,
हक़ीक़त में आजमाने से टूट जाते हैं दिल अकसर,
ये इश्क़, दोस्ती और मोहब्बत किताबों में रहने दो…💯✨️
रात को रात, सुबह को सुबह लिखते हो
अच्छे को अच्छा बुरे को,बुरा लिखते हो
तुम्हें तो आदत है,दर्द को दर्द लिखने की
मतलब हम से बिल्कुल,जुदा लिखते हो
खुदा को तो, कभी लिखा ही नहीं तुमने
पत्थर को बना के मूरत,खुदा लिखते हो
तुम तो दुश्मनी में भी, करते हो व्यापार
बनकर हक़िम,ज़हर की दवा लिखते हो
बो तो लिख देता है,बेवफ़ाई को मज़बूरी
भैरव क्यूं बेवफ़ा को, बेवफ़ा लिखते हो