ज़िंदगी को तन्हा वीरानों में रहने दो,
ये वफ़ा की बातें ख्यालो में रहने दो,
हक़ीक़त में आजमाने से टूट जाते हैं दिल अकसर,
ये इश्क़, दोस्ती और मोहब्बत किताबों में रहने दो…💯✨️
ज़िंदगी को तन्हा वीरानों में रहने दो,
ये वफ़ा की बातें ख्यालो में रहने दो,
हक़ीक़त में आजमाने से टूट जाते हैं दिल अकसर,
ये इश्क़, दोस्ती और मोहब्बत किताबों में रहने दो…💯✨️
Wo baarish ki pehli boond aaj bhi mujhe bhigati h..
Teri aad hmesha mujhe rulati h..
Tere na hone ka ehsaas har pal mujhe stati h…
Meri tnhai mujhe hmesha tere hone ka ehsaas dilati h..
Safar bhaot chhoti thi tere sath .
Par aaj bhi mere raste tujhe hi apna sathi btati h..
स्त्री हूं मैं मेरा कहां सम्मान होता है
मेरे कपड़ों से मेरा चरित्र भाप लिया जाता है।
अगर जींस या वेस्टर्न ड्रेस पहन लूं मैं
तो मैं बिगड़ी हुई मान ली जाती हूं।
अगर मैं साड़ी भी पहनूं तो भी
उसमे भी खोट नजर आती है।
मेरी साड़ी में भी कमिया ही नजर आती है।
यहां तो एक औरत भी औरत का सम्मान नही करती
एक औरत को दूसरी औरत में भी खोट नजर आती है।
मेरे कपड़ों में कोई कमी नहीं कमी तुम्हारी नज़र में है
मैं कुछ भी पहन लूं तुम्हे कमी नजर आनी ही है।