पसंद था जो फूल फिर खिल जाए,
ये जरूरी तो नहीं...
उदासी दूर करने के लिए कोई साथ हो,
ये जरूरी तो नहीं...
जरूरी है कुछ ऐसा करो के,
हर रूह मुस्कुराती रहे...
हर किस्से को मंजिल मिल जाए,
ये जरूरी तो नहीं...
Enjoy Every Movement of life!
पसंद था जो फूल फिर खिल जाए,
ये जरूरी तो नहीं...
उदासी दूर करने के लिए कोई साथ हो,
ये जरूरी तो नहीं...
जरूरी है कुछ ऐसा करो के,
हर रूह मुस्कुराती रहे...
हर किस्से को मंजिल मिल जाए,
ये जरूरी तो नहीं...
Kush najraa sirf mohobbat mngdiya ne…
Samjhiya kr sajjna…
क्या हाल है मेरा, ये तो बस मेरा रब जानता है।
कैसे जी रही हूं मैं, ये तो बस मेरा रब जानता है।
क्या चाहत है मेरी, ये भी बस मेरा रब जानता है।
ये जो कहते है, कि वो मुझे मुझसे भी ज्यादा जानते है,
वो बस मुझे इतना बता दे,
कि ये मेरा रब कौन है,
जो मेरा सब जानता है।
