YUN GUZRE WOH RAASTE SE HO KAR RU-BA-RU HUM SE
MEHEKTA HO MAHTAAB JAISE SAJTA RAHA TABASSUM LABON PAR
یوں گزرے وہ راستے سے ہو کر رو برو ہم سے
مہکتا ہو مہتاب جیسے سجتا رہا تبسّم لبوں پر
YUN GUZRE WOH RAASTE SE HO KAR RU-BA-RU HUM SE
MEHEKTA HO MAHTAAB JAISE SAJTA RAHA TABASSUM LABON PAR
یوں گزرے وہ راستے سے ہو کر رو برو ہم سے
مہکتا ہو مہتاب جیسے سجتا رہا تبسّم لبوں پر
Tu sabub lagda e jo sab rabb lagda e
Eh teriyan dittiyan nishaniyan ne..!!
Bull hassna sikhe asi jiona sikhe
Tere ishq diyan meharbaniyan ne..!!
ਤੂੰ ਸਬੱਬ ਲੱਗਦਾ ਏ ਜੋ ਸਭ ਰੱਬ ਲੱਗਦਾ ਏ
ਇਹ ਤੇਰੀਆਂ ਦਿੱਤੀਆਂ ਨਿਸ਼ਾਨੀਆਂ ਨੇ..!!
ਬੁੱਲ੍ਹ ਹੱਸਣਾ ਸਿੱਖੇ ਅਸੀਂ ਜਿਓਣਾ ਸਿੱਖੇ
ਤੇਰੇ ਇਸ਼ਕ ਦੀਆਂ ਮਿਹਰਬਾਨੀਆਂ ਨੇ..!!
मेरे प्यार की तपिश के आगे यह सूरज भी ठंडा है,
मेरे आंसुओ का मुकाबला यह बरसात क्या करेगी ।
तुझे पाने की चाहत में, हम सब कुछ खोते चले गए,
मगर फिर भी ऐ मेरे हमनशी, तुम दुर होते चले गए,
अब इससे ज्यादा मेरे हाल को बेहाल क्या करेगी,
मेरे प्यार की तपिश के आगे यह सूरज भी ठंडा है,
मेरे आंसुओ का मुकाबला यह बरसात क्या करेगी ।
मिल गया था मैं तुझे बिन मांगे, तुम कदर भी मेरी क्या करते ,
तुम रूठते हम मना लेते, मगर बदल ही गए हम क्या करते,
मैं लेटू नींद ना आये मुझे, तु भी रात को तारे गिना करेगी,
मेरे प्यार की तपिश के आगे यह सूरज भी ठंडा है,
मेरे आंसुओ का मुकाबला यह बरसात क्या करेगी ।
मैने खूद को ना ऐसे चाहा कभी, जैसे तुझको चाहते चले गए,
मैने देखा खुद को खोते हुए, बस तेरे होते चले गए,
मैंं इतना दूर चला जाऊं, तु घूट घूट आंहे भरा करेगी,
मेरे प्यार की तपिश के आगे यह सूरज भी ठंडा है,
मेरे आंसुओ का मुकाबला यह बरसात क्या करेगी ।
मैने खुदा से ऐसे मांगा उसे, मैं जीता, किस्मत हार गई,
यह “रमन” की महोब्बत की कविता थी, कोई जिस्मो का व्यापार नहीं,
तेरे पीछे खुद को फ़ना कर दू, मेरे गीत भी दुनिया गाया करेगी,
मेरे प्यार की तपिश के आगे यह सूरज भी ठंडा है,
मेरे आंसुओ का मुकाबला यह बरसात क्या करेगी ।
Rami_