YUN GUZRE WOH RAASTE SE HO KAR RU-BA-RU HUM SE
MEHEKTA HO MAHTAAB JAISE SAJTA RAHA TABASSUM LABON PAR
یوں گزرے وہ راستے سے ہو کر رو برو ہم سے
مہکتا ہو مہتاب جیسے سجتا رہا تبسّم لبوں پر
YUN GUZRE WOH RAASTE SE HO KAR RU-BA-RU HUM SE
MEHEKTA HO MAHTAAB JAISE SAJTA RAHA TABASSUM LABON PAR
یوں گزرے وہ راستے سے ہو کر رو برو ہم سے
مہکتا ہو مہتاب جیسے سجتا رہا تبسّم لبوں پر
Jinha de approach te udd di hai,
nakeya te oh mainu hi yaad karde ne.
माना मुझे अब जरूरत नहीं तेरी , पर जिंदगी में एक मलाल तो है ।
कबूलनामा भी दे चुके महफिलों में पर , लोगों की निगाहों में कुछ सवाल तो है ।।
सपनों सा लगता एक ख्वाब तो है , मेरा हर अंदाज़ लाजवाब तो है ।
चाहता नहीं मेरी कलम से कोई बेइज्जत हो जाए , वरना मेरे पास भी कुछ लोगों का हिसाब तो है ।।
हाँ मोहब्बत भूल थी मेरी , आज बेबाकी से एक गुनाह कुबूल करता हूँ ।
कुछ काले किस्से हैं बीते हुए लम्हें , अब हर किस्से को मशहूर करता हूँ ।।
जिद्दी है मेरा दिल बड़ा , इसे आज मैं ज़रा मजबूर करता हूँ ।
बहुत हो चुकी मोहब्बत में नाफरमानी , सिर आँखों पर अपना गुरूर करता हूँ ।।