YUN GUZRE WOH RAASTE SE HO KAR RU-BA-RU HUM SE
MEHEKTA HO MAHTAAB JAISE SAJTA RAHA TABASSUM LABON PAR
یوں گزرے وہ راستے سے ہو کر رو برو ہم سے
مہکتا ہو مہتاب جیسے سجتا رہا تبسّم لبوں پر
YUN GUZRE WOH RAASTE SE HO KAR RU-BA-RU HUM SE
MEHEKTA HO MAHTAAB JAISE SAJTA RAHA TABASSUM LABON PAR
یوں گزرے وہ راستے سے ہو کر رو برو ہم سے
مہکتا ہو مہتاب جیسے سجتا رہا تبسّم لبوں پر
दिवाली पर पापा को बोनस मिलता था तनख्वाह थोड़ी ज्यादा आती थी सबको मालूम था दिवाली पर भी नए कपड़े लेने के लिए पैसे गिनकर मिलते थे कोई अगर बीमार हो जाए तो वो नए कपड़े भी कैंसल हो जाते थे। बचपन से ही एडजस्ट करने की आदत लग जाती है ये आदत अच्छी हो होती है पर कभी कभी बुरी भी होती है। धीरे धीरे बड़े हुए तो पता था मम्मी पापा को कुछ बनकर दिखाना है ये ख्वाब साथ लेकर चला पर बाहर निकले घर से तो ये पता चला कि जो मेरा ख्वाब है वही सबका भी ख्वाब था सबको अपनी जिंदगी में मेरी तरह ही कुछ करना था। जैसे तैसे एक नौकरी लगी वो भी मेरी पसंद की नही थी पर पापा का हाथ बंटाने के लिए भी तो कुछ करना था अपने दिल को समझकर वो नौकरी कर ली मुझे नौकरी लगी ये सुनकर मम्मी पापा दोनो खुश हो जाए पापा की आखों से तो आंसू ही आ गए आंखो से निकलते आंसू भी उस दिन मुझसे बात कर रहे थे मानो वो ये कह रहे थे की अब मेरे कंधो का थोड़ा बोझ कम हुआ मेरे साथ कोई कमाने वाला आ गया। उस दिन से मैंने वो नौकरी ज्वाइन कर ली और उसकी भी आदत सी पड़ गई।
Tenu kive bhulawa maa mein tere karke haan
Sab rishte jhuthe ne ik sacha rishta tera maa
Aajkal har rishte ch vad geya suaarth
Ik tera rishta nirsuarth meri maa..❤️🥀
ਤੈਨੂੰ ਕਿਵੇਂ ਭੁਲਾਵਾਂ ‘ਮਾਂ’ ਮੈਂ ਤੇਰੇ ਕਰਕੇ ਹਾਂ„
ਸੱਭ ਰਿਸ਼ਤੇ ਝੂਠੇ ਨੇ ਇਕ ਸੱਚਾ ਰਿਸ਼ਤਾ ਤੇਰਾ ‘ਮਾਂ’„
ਅੱਜਕਲ੍ਹ ਹਰ ਰਿਸ਼ਤੇ ‘ਚ ਵੜ ਗਿਆ ਸੁਆਰਥ„
ਇਕ ਤੇਰਾ ਰਿਸ਼ਤਾ ਨਿਰਸੁਆਰਥ ਮੇਰੀ ‘ਮਾਂ’.. ❤️🥀