कुबूल ही क्यों किया तूने मेरा इश्क
जब तुझे था ही नहीं मुझसे प्यार|
बार बार दिल क्यों दुखाता है मेरा,
एक बार ही ज़ख्म दे देता यार||
–हिरल सिंह
Enjoy Every Movement of life!
कुबूल ही क्यों किया तूने मेरा इश्क
जब तुझे था ही नहीं मुझसे प्यार|
बार बार दिल क्यों दुखाता है मेरा,
एक बार ही ज़ख्म दे देता यार||
–हिरल सिंह
सिखा दिया दुनिया ने मुझे अपनो पर भी शक करना
मेरी फितरत में तो गैरों पर भी भरोसा करना था!
Sikha diya duniya ne mujhe apno par bhi shak karna
Meri fitrat mein to gairon par bhi bharosa karna tha!
bina mile v te mulakaat hundi ae
khyaal v te kujh soch ke bnae ne rabb ne
ਬਿਨਾਂ ਮਿਲੇ ਵੀ ਤੇ ਮੁਲਾਕਾਤ ਹੁੰਦੀ ਐ,
ਖਿਆਲ ਵੀ ਤੇ ਕੁਝ ਸੋਚ ਕੇ ਬਣਾ ਏ ਨੇ ਰੱਬ ਨੇ..❤️