कुबूल ही क्यों किया तूने मेरा इश्क
जब तुझे था ही नहीं मुझसे प्यार|
बार बार दिल क्यों दुखाता है मेरा,
एक बार ही ज़ख्म दे देता यार||
–हिरल सिंह
Enjoy Every Movement of life!
कुबूल ही क्यों किया तूने मेरा इश्क
जब तुझे था ही नहीं मुझसे प्यार|
बार बार दिल क्यों दुखाता है मेरा,
एक बार ही ज़ख्म दे देता यार||
–हिरल सिंह
रोक ले जो हौसले मेरे, मेरी कोशिशें इतनी कम नहीं है, छोड़ दूं अपनी मंज़िल डर से तेरे, ए हवा तुझमें अभी इतना दम नहीं है, टकरा ले मुझसे गर हिम्मत है तो, मैं औरों सा नहीं, किसी से कम नहीं...
Na tu zindagi ch aunda
Na dard hunde
Na hanjhuya da bhaar hunda
Na dil Ronda mera
Na tere naal pyar hunda..!!
ਨਾ ਤੂੰ ਜ਼ਿੰਦਗੀ ‘ਚ ਆਉਂਦਾ
ਨਾ ਦਰਦ ਹੁੰਦੇ
ਨਾ ਹੰਝੂਆਂ ਦਾ ਭਾਰ ਹੁੰਦਾ
ਨਾ ਦਿਲ ਰੋਂਦਾ ਮੇਰਾ
ਨਾ ਤੇਰੇ ਨਾਲ ਪਿਆਰ ਹੁੰਦਾ..!!