कुबूल ही क्यों किया तूने मेरा इश्क
जब तुझे था ही नहीं मुझसे प्यार|
बार बार दिल क्यों दुखाता है मेरा,
एक बार ही ज़ख्म दे देता यार||
–हिरल सिंह
Enjoy Every Movement of life!
कुबूल ही क्यों किया तूने मेरा इश्क
जब तुझे था ही नहीं मुझसे प्यार|
बार बार दिल क्यों दुखाता है मेरा,
एक बार ही ज़ख्म दे देता यार||
–हिरल सिंह

Na pind vich mashoor na dil vich garoor
maan karde aa maape dhee saadhi bure kamaan ton door..
ਨਾ ਪਿੰਡ ਵਿਚ ਮਸ਼ਹੂਰ ਨਾ ਦਿਲ ਵਿੱਚ ਗਰੂਰ ,
ਮਾਣ ਕਰਦੇ ਆ ਮਾਂਪੇਂ ਧੀ ਸਾਡੀ ਬੁਰੇ ਕੰਮਾਂ ਤੋਂ ਦੂਰ ..!!