कुबूल ही क्यों किया तूने मेरा इश्क
जब तुझे था ही नहीं मुझसे प्यार|
बार बार दिल क्यों दुखाता है मेरा,
एक बार ही ज़ख्म दे देता यार||
–हिरल सिंह
कुबूल ही क्यों किया तूने मेरा इश्क
जब तुझे था ही नहीं मुझसे प्यार|
बार बार दिल क्यों दुखाता है मेरा,
एक बार ही ज़ख्म दे देता यार||
–हिरल सिंह
moti hoon to daaman mein piro lo mujhe apane,
aansoo hoon to palakon se gira kyoon nahin dete,
saaya hoon to saath na rakhane ki vazah kya,
patthar hoon to raaste se hata kyoon nahin dete..
मोती हूँ तो दामन में पिरो लो मुझे अपने,
आँसू हूँ तो पलकों से गिरा क्यूँ नहीं देते,
साया हूँ तो साथ ना रखने कि वज़ह क्या,
पत्थर हूँ तो रास्ते से हटा क्यूँ नहीं देते..
Wo puchhna ye tha ki
Kaha masroof ho gaye ho tum aajkal
Ab to dil dukhane bhi nahi aate🙃
वो पूछना ये था कि
कहाँ मशरूफ हो गए हो तुम आजकल
अब तो दिल दुखाने भी नही आते🙃