कुबूल ही क्यों किया तूने मेरा इश्क
जब तुझे था ही नहीं मुझसे प्यार|
बार बार दिल क्यों दुखाता है मेरा,
एक बार ही ज़ख्म दे देता यार||
–हिरल सिंह
Enjoy Every Movement of life!
कुबूल ही क्यों किया तूने मेरा इश्क
जब तुझे था ही नहीं मुझसे प्यार|
बार बार दिल क्यों दुखाता है मेरा,
एक बार ही ज़ख्म दे देता यार||
–हिरल सिंह
Kade tamanna c tainu paun di
ajh v tamanna e
par tainu bhulaun di
ਕਦੇ ਤਮੰਨਾ ਸੀ ਤੈਨੂੰ ਪਾਉਣ ਦੀ
ਅੱਜ ਵੀ ਤਮੰਨਾ ਏ
ਪਰ ਤੈਨੂੰ ਭੁਲਾਉਣ ਦੀ
