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zakhm dikhaoon || 2 lines sad zakham shayari

ab apane zakhm dikhaoon kise aur kise nahin,
begaane samajhate nahin aur apano ko dikhate nahin…

अब अपने ज़ख़्म दिखाऊँ किसे और किसे नहीं,
बेगाने समझते नहीं और अपनो को दिखते नहीं…

Title: zakhm dikhaoon || 2 lines sad zakham shayari

Best Punjabi - Hindi Love Poems, Sad Poems, Shayari and English Status


Jeevan ki jay ho || hindi life poetry

मै ज़ीवन मे कुछ न कर सक़ा!
 
जग मे अन्धियारा छाया था,
मै ज्‍वाला लेक़र आया था
मैने ज़लकर दी आयू बीता, 
पर ज़गती का तम हर न सका!
मै ज़ीवन मे कुछ न क़र सका!
 
अपनीं ही आग ब़ुझा लेता,
तो ज़ी को धैर्यं बधा देता,
मधु का साग़र लहराता था, 
लघु प्‍याला भी मै भर न सक़ा!
मै ज़ीवन में कुछ न कर सक़ा!
 
बींता अवसर क्‍या आयेगा,
मन जींवन भर पछतायेगा,
मरना तो होगा ही मुझको, 
ज़ब मरना था तब़ मर न सक़ा!
मै जींवन में कुछ न कर सक़ा!

Title: Jeevan ki jay ho || hindi life poetry


अगर है प्यार मुझसे तो बताना भी ज़रूरी है || Hindi shayari or ghazal

अगर है प्यार मुझसे तो बताना भी ज़रूरी है
दिया है हुस्न मौला ने दिखाना भी ज़रूरी है

इशारा तो करो कभी मुझको अपनी निगाहों से
अगर है इश्क़ मुझसे तो जताना भी ज़रूरी है

अगर कर ले सभी ये काम झगड़ा हो नहीं सकता
ख़ता कोई नजर आए छुपाना भी ज़रूरी है

अगर टूटे कभी रिश्ता तुम्हारी हरकतों से जब
पड़े क़दमों में जाकर फिर मनाना भी ज़रूरी है

कभी मज़लूम आ जाए तुम्हारे सामने तो फिर
उसे अब पेट भर कर के खिलाना भी ज़रूरी है

अगर रोता नजर आए कभी मस्जिद या मंदिर में
बड़े ही प्यार से उसको हँसाना भी ज़रूरी है

~ मुहम्मद आसिफ अली