ab apane zakhm dikhaoon kise aur kise nahin,
begaane samajhate nahin aur apano ko dikhate nahin…
अब अपने ज़ख़्म दिखाऊँ किसे और किसे नहीं,
बेगाने समझते नहीं और अपनो को दिखते नहीं…
ab apane zakhm dikhaoon kise aur kise nahin,
begaane samajhate nahin aur apano ko dikhate nahin…
अब अपने ज़ख़्म दिखाऊँ किसे और किसे नहीं,
बेगाने समझते नहीं और अपनो को दिखते नहीं…
Irada na tha mera door jane ka
Gairon se fariyaad na kar mere laut aane ka
Mohobbat ke lamhe bhool nhi sakte
Koi to esa zariya hota yaadon ko bhool jane ka…
इरादा न था मेरा दुर जाने का
गैरो से फ़रियाद न कर मेरे लौट आने का ।
मोहब्बत के लम्हे भूल नही सकते
कोई तो ऐसा जरिया होता यादो को भूल जाने का ।।
कोई बुतखाने में तो कोई महखाने में सच्चे होते है….
लोग वो है जो जबान के पक्के होते है….
वो महीने भर से भूखी है, खुदा पाने के लिए,
हमारे लिए जिसके पांव के बिच्छु ही मक्के होते है….
मुक्कमल हो इश्क तो बिस्तर पर खत्म हो जाता है,
इसलिए इश्क, रास्ते और किस्से अधूरे ही अच्छे होते है….
हर्ष✍️