Skip to content

zakhm dikhaoon || 2 lines sad zakham shayari

ab apane zakhm dikhaoon kise aur kise nahin,
begaane samajhate nahin aur apano ko dikhate nahin…

अब अपने ज़ख़्म दिखाऊँ किसे और किसे नहीं,
बेगाने समझते नहीं और अपनो को दिखते नहीं…

Title: zakhm dikhaoon || 2 lines sad zakham shayari

Best Punjabi - Hindi Love Poems, Sad Poems, Shayari and English Status


hassan ja ron naal || Punjabi sad shayari || sad status

Ki farak painda e..??
Mere hon na hon naal
Mere hassan ja ron naal..!!

ਕੀ ਫ਼ਰਕ ਪੈਂਦਾ ਏ..??
ਮੇਰੇ ਹੋਣ ਨਾ ਹੋਣ ਨਾਲ
ਮੇਰੇ ਹੱਸਣ ਜਾਂ ਰੋਣ ਨਾਲ..!!

Title: hassan ja ron naal || Punjabi sad shayari || sad status


Desh kavita || tiranga || republic day || तीन रंगों में रंगा हुआ || independence day

तीन रंगों में रंगा हुआ
सारे जग से न्यारा है,
सुनो तिरंगा हमें हमारा
प्राणों से भी प्यारा है।

बतलाता है रंग केसरी
वीरों ने बलिदान दिया
अंग्रेजों को मार भगाया
स्वतंत्र हिंदुस्तान किया,
इनकी भुजाओं के बल से
दुश्मन हमसे हारा है
सुनो तिरंगा हमें हमारा
प्राणों से भी प्यारा है।

श्वेत रंग संदेशा देता
अमन चैन फ़ैलाने का
प्रेम भावना बसे हृदय में
ऐसा वतन बनाने का
सुख-दुःख में एक दूजे का
बनना हमे सहारा है
सुनो तिरंगा हमें हमारा
प्राणों से भी प्यारा है।

हरा रंग हरियाली का जो
उन्नति पथ दिखलाता है
चीर धरा का सीना हलधर
सारी फसल उगाता है,
सारे जगत को देता अन्न
पशुओं को देता चारा है
सुनो तिरंगा हमें हमारा
प्राणों से भी प्यारा है।

बढ़ते रहें कहीं रुके नहीं
चक्र ज्ञान यह देता है
साथ समय के चले निरंतर
बनता वही प्रणेता है
बिना परिश्रम कहाँ किसीका
चमका कभी सितारा है
सुनो तिरंगा हमें हमारा
प्राणों से भी प्यारा है।

Title: Desh kavita || tiranga || republic day || तीन रंगों में रंगा हुआ || independence day