Skip to content

zakhm dikhaoon || 2 lines sad zakham shayari

ab apane zakhm dikhaoon kise aur kise nahin,
begaane samajhate nahin aur apano ko dikhate nahin…

अब अपने ज़ख़्म दिखाऊँ किसे और किसे नहीं,
बेगाने समझते नहीं और अपनो को दिखते नहीं…

Title: zakhm dikhaoon || 2 lines sad zakham shayari

Best Punjabi - Hindi Love Poems, Sad Poems, Shayari and English Status


Chehra dikhata hai || hindi shayari

Jaane wale ko kon rok paata hai,
Pyaar ke saath to aksar hadsa ho jaata hai,
Bas khush hain hm yeh jaan ke,
Ki tumhare bina bhi yeh dil tumhara hi chehra dikhata hai❤

जाने वाले को कौन रोक पाता है
प्यार के साथ तो अक्सर हादसा हो जाता है
बस खुश हैं हम यह जान के
कि तुम्हारे बिना भी यह दिल तुम्हारा ही चेहरा दिखाता है❤
                 

Title: Chehra dikhata hai || hindi shayari


Ek aurat || hindi poetry

👧 *बाँझपन एक कलंक क्यों ???*👧

एक औरत माँ बने तो जीवन सार्थक
अगर माँ न बने तो जीवन ही निरथर्क,
किसने कहा है ये, कहाँ लिखा है ये,
कलंकित बोल-बोल जीवन बनाते नरक।

बाँझ बोलकर हर कोई चिढ़ाते,
शगुन-अपशगुन की बात समझाते।
बंजर ज़मीं का नाम दिया है मुझे,
पीछे क्या, सामने ही मेरा मज़ाक़ उड़ाते।

ममत्व का पाठ मैं भी जानती,
हर बच्चे को अपना मानती,
कोख़ से जन्म दूँ, ज़रूरी नहीं,
लहू का रंग मैं भी पहचानती।

आँचल में मेरे है प्यार भरा,
ममता की मूरत हूँ देख ज़रा,
क़द्र जानूँ मैं बच्चों की,
नज़र से मुझे ज़माने न गिरा।

कलंक नहीं हूँ इतना ज़रा बता दूँ,
समाज को एक नया पाठ सीखा दूँ,
बच्चा न जन्म दे सकी तो क्या,
समाज पे बराबर का हक़ मैं जता दूँ।
समाज पे बराबर का हक़ मैं जता दूँ।

Title: Ek aurat || hindi poetry