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zinda hai to bas || 2 lines sad shayari

zinda hai to bas teree hee ishk kee rahemat par,
mar gae ham to samajhana tera pyaar kam pada raha tha..

ज़िन्दा है तो बस तेरी ही इश्क की रहेमत पर,
मर गए हम तो समझना तेरा प्यार कम पड़ा रहा था..

Title: zinda hai to bas || 2 lines sad shayari

Best Punjabi - Hindi Love Poems, Sad Poems, Shayari and English Status


वो मुसाफिर || hindi best shayari latest

जाते जाते एक उम्दा तालीम दे गया,
वो मुसाफिर,
खुदकी तलाश में घर से निकल गया,
वो मुसाफिर,
सोचा साथ जाऊं मैं भी,
पर जाऊंगा कहां,
जा चुका होगा मीलों दूर,
उसे पाऊंगा कहां,
इसी सोच में रात हुई,
नींद का झोंका आ गया,
सुबह आंखे खुली तो सोचा,
क्या वो मौका आज आ गया ?
के चला जाऊं सबसे इतना दूर के कुछ ना हो,
गहरी नींद में बेड़ियां मिले पर सचमुच ना हो,
सच हो तो बस आसमां में परिंदो सी उड़ान हो,
चाहूंगा हर सितमगर का बड़ा सा मकान हो,
वहां आवाज़ देकर झोली फैलाएगा वो मुसाफिर,
तुम्हे देख भीगी पलकें उठाएगा वो मुसाफिर,
मोहब्बत से एक रोटी खिलाकर देखना तुम,
शोहरत से दामन भर जाएगा वो मुसाफिर...

Title: वो मुसाफिर || hindi best shayari latest


Tu jaandi ni menu ||hindi punjabi shayari

तू जांदी नी मेनू…

हाय…

याद तेरे हाथ दी हर इक लकीर

तेरे हाथ ते लिखी हर तकदीर

तेरे नाल घूमे राह

मीनू याद तेरा हर साह

तेरे बुल…तेरी बोली

तेरियां अखां.. तेरी तकनी..

तेरे दंद..तेरा हस्सा

तू..तेरी खुशबू

तेरा चेहरा…ते चन्न

मैनू याद आ सब

याद है वो भी… जो बताया नही तूने

याद है वो भी….जो जताया नहीं तूने..

मेरे आस पास होना और हमेशा रहने की चाह…

मुझे याद है तेरे दिल से निकली हर राह..

तेरी राहों पर चलने वाली मै अकेली बनना चाहती थी..

तुझे ढूंढते ढूंढते.. मै खुद तुझमे खोना चाहती थी..

पा कर भी सुकून नहीं था… सुकून मिल कर भी सुकून नहीं था.. तुझे पाना सुकून नहीं था… मै तो तू बनना चाहती थी….

जेह मेनू मिलदा नी तू..

एम फेर वी तेनु जांदी हुंदी..

तेरे हत्था नू फड के लकीरा दा राज पूछदी हुंदी….

तेरे गले लग के तेरे हाल पूछदी हुंदी..

तेरे नाल घुम घुम के….फुलां दे ना पूछदी हुंदी..

जेह मेनू मिल्दा नी तू.. एम फेर वी तेनु जांदी हुंदी..

जन के सब कुछ…मै अंजन बंदी हुंदी…

बार बार इको ही सवाल पूछदी हुंदी…

तेनु ना कर के ओही काम करदी हुंदी…

तेनु जो रंग पसनद.. मै ओह रंग च फबड़ी हुंदी…

तेनु पसंद जो धंग.. उस धंग.. सजना साजन मै सजदी हुंदीतू जांदी नी मेनू…

हाये…

हां.. मै जांदी आ…. तू पुछ के तां वेख…. तेरे स्वाला दा जवाब म जांदी आ .. तेरे फुलां दा ना मै जांदी आ… सब जांदी आ मै…. पर पुछना पसंद आ मेनू… जो जांदी आ… ओह वी पुछना पसंद आ… सवाल ख़त्म हो गए तां…. जो पता ओह वी पुछना आ मैनू…. सब कुछ तैथो पुछना आ‌ मैनू… तेरे अलवा किसी तीजे दा ना वी पसंद मेनू

मै जंदी अउ तेनु..

हां…… मै जांदी आ

ते बस तेनु..

हां…… म जांदी आ

Title: Tu jaandi ni menu ||hindi punjabi shayari