Zinda hum tab bhi the,
Zinda hum ab bhi hain,
Magar tab tumhaare pyaar main the,❤
Ab tumhaare intezaar main hain.💔
ज़िंदा हम तब भी थे,
ज़िंदा हम अब भी हैं,
मगर तब तुम्हारे प्यार में थे,❤
अब तुम्हारे इंतज़ार में हैं.💔
Zinda hum tab bhi the,
Zinda hum ab bhi hain,
Magar tab tumhaare pyaar main the,❤
Ab tumhaare intezaar main hain.💔
ज़िंदा हम तब भी थे,
ज़िंदा हम अब भी हैं,
मगर तब तुम्हारे प्यार में थे,❤
अब तुम्हारे इंतज़ार में हैं.💔
Ajj mohobbat di kitab de pattre farole
Taa pata lggeya
Mohobbat ta khuda da hi duja naam hai..!!
ਅੱਜ ਮੋਹੁੱਬਤ ਦੀ ਕਿਤਾਬ ਦੇ ਪੱਤਰੇ ਫਰੋਲੇ
ਤਾਂ ਪਤਾ ਲੱਗਿਆ
ਮੋਹੁੱਬਤ ਤਾਂ ਖੁਦਾ ਦਾ ਹੀ ਦੂਜਾ ਨਾਮ ਹੈ..!!
अकबर बादशाह को मजाक करने की आदत थी। एक दिन उन्होंने नगर के सेठों से कहा-
“आज से तुम लोगों को पहरेदारी करनी पड़ेगी।”
सुनकर सेठ घबरा गए और बीरबल के पास पहुँचकर अपनी फरियाद रखी।
बीरबल ने उन्हें हिम्मत बँधायी,
“तुम सब अपनी पगड़ियों को पैर में और पायजामों को सिर पर लपेटकर रात्रि के समय में नगर में चिल्ला-चिल्लाकर कहते फिरो, अब तो आन पड़ी है।”
उधर बादशाह भी भेष बदलकर नगर में गश्त लगाने निकले। सेठों का यह निराला स्वांग देखकर बादशाह पहले तो हँसे, फिर बोले-“यह सब क्या है ?”
सेठों के मुखिया ने कहा-
“जहाँपनाह, हम सेठ जन्म से गुड़ और तेल बेचने का काम सीखकर आए हैं, भला पहरेदीर क्या कर पाएँगे, अगर इतना ही जानते होते तो लोग हमें बनिया कहकर क्यों पुकारते?”
बादशाह अकबर बीरबल की चाल समझ गए और अपना हुक्म वापस ले लिया।