Do Pal Da Hai Saath, Pata Nahi Kado Vichad Jana
Rishteya Da Kee Pata, Kado Tut Jana
Puch Liya Karo Kade Haal-Chaal Sade Dil Da
Zindgi Da Kee Pata, Asi Kado Muk Jana!
Do Pal Da Hai Saath, Pata Nahi Kado Vichad Jana
Rishteya Da Kee Pata, Kado Tut Jana
Puch Liya Karo Kade Haal-Chaal Sade Dil Da
Zindgi Da Kee Pata, Asi Kado Muk Jana!
मायूसी से भरी सुबह्य
बैचैनी मैं शाम होगी
मुस्कुराना छोड़ कर इक गुम सूम सी जान होगी
आगे बढ़ने के चक्कर मैं कितना सारा छोड़ आए हम
अब तन्हा अच्छा लगता है लगता है बड़े हो गए हम।💯
अपना हाल–ऐ–दिल बयां करने निकला तो,
वे कहने लगे एक–तरफा इश्क़ कुछ नहीं होता।
रुस्वाही समझकर,निराश भटकने लगे।।
जनाब को कोई समझाओ….
एक–तरफा इश्क़ में रोज़ दिल टूटते हैं,
आस रहती है, कभी मुड़कर हम्पें नजर पड़े उनकी,
हर रोज़ एक नई कहानी बनती है उनके साथ,
बस ख्यालों में जीते हैं……….
हमारी दास्तां….
बस ये कोरे पन्ने सुनते हैं,
डर है कि किसी रोज़ ये जलकर काले न हो जाएं।।।