zindagi hai badi matlabi,.
Na hame Darr tha, na pyaar,
Phir bhi hum jee rahe aise the
Ke logon ka nazariya hi badal gaya
hame dekh kar………..
zindagi hai badi matlabi,.
Na hame Darr tha, na pyaar,
Phir bhi hum jee rahe aise the
Ke logon ka nazariya hi badal gaya
hame dekh kar………..
Oo mitti ch paleyaae te mitti ch galeyaae
thode julma toh enna ne behh nyi hona ,!
Oo maslaa tah sunna hi paina ee modi ji
chup tah enna toh vi rehh nhi hona!!!
Kisaan ekta zindabaad🙏🏻🙏🏻❤️
चलो किसी पुराने दौर की बात करते हैं,
कुछ अपनी सी और कुछ अपनों कि बात करते हैं…
बात उस वक्त की है जब मेरी मां मुझे दुलारा करती थी,
नज़रों से दुनिया की बचा कर मुझे संवारा करती थी,
गलती पर मेरी अकेले डांट कर पापा से छुपाया करती थी,
और पापा के मुझे डांटने पर पापा से बचाया करती थी…
मुझे कुछ होता तो वो भी कहाँ सोया करती थी,
देखा है मैंने,
वो रात भर बैठकर मेरे बाल संवारा करती थी,
घर से दूर आकर वो वक्त याद आता है,
दिन भर की थकान के बाद अब रात के खाने में, कहां मां के हाथ का स्वाद आता है,
मखमल की चादर भी अब नहीं रास आती है,
माँ की गोद में जब सिर हो उससे अच्छी नींद और कहाँ आती है…