Iss prem ke chakkar me nah faso yaaro..
Yeh jindagi ko maut bana deti haii…
Khushiyan dekar kuch pal kii jindagii ko dard bana deti haii…
Iss prem ke chakkar me nah faso yaaro..
Yeh jindagi ko maut bana deti haii…
Khushiyan dekar kuch pal kii jindagii ko dard bana deti haii…
bure dino me bhi hass lete hai ham
saath gar koi na ho to akele chal lete hai ham
बुरे दिनों में भी हंस लेते है हम
साथ गर कोई न हो तो अकेले चल लेते है हम।
आज तू कही नहीं है ,
फिर भी नेरे हर ख्याल में समाया है तू
आज तू कही नहीं है
फिर भी मेरे दिल में समाया है तू
आज तू कही नहीं है
फिर भी मेरी आँखों में समाया है तू
आज तू कही नहीं है
फिर भी मेरी यादों में समाया है तू
आज तू कही नहीं है
फिर भी मेरी रग रग में समाया है तू
आज तू कही नहीं है
फिर भी मेरे रोम रोम में समाया है तू
आज तू कही नहीं है
फिर भी हर चेहरे में समाया है तू
आज तू कही नहीं है
फिर भी मेरी धड़कनो में समाया है तू
आज तू कही नहीं है
फिर भी मेरी सांसो में समाया है तू
आज तू कही नहीं है
फिर भी मेरे सपनो में समाया है तू
आज तू कही नहीं है
फिर भी मुझमे इस कदर समाया है तू
जिस कदर रात में अँधेरा