जब पहुंचा कि जब पहुंचा मैं अपनी मौत के पास
कि जब पहुंचा कि जब पहुंचा मैं अपनी मौत के पास
खुदा बोला, कि उसकी की हुई दुआओं में कमब्ख्त बहुत दम है
इसलिए मौत तो दूर की बात, तेरी ज़िंदगी में दरद बहुत कम है
जब पहुंचा कि जब पहुंचा मैं अपनी मौत के पास
कि जब पहुंचा कि जब पहुंचा मैं अपनी मौत के पास
खुदा बोला, कि उसकी की हुई दुआओं में कमब्ख्त बहुत दम है
इसलिए मौत तो दूर की बात, तेरी ज़िंदगी में दरद बहुत कम है
महर-ओ- वफ़ा की शमआ जलाते तो बात थी
इंसानियत का पास निभाते तो बात थी
जम्हूरियत की शान बढ़ाते तो बात थी
फ़िरक़ा परस्तियों को मिटाते तो बात थी
जिससे कि दूर होतीं कुदूरत की ज़ुल्मतें
ऐसा कोई चराग़ जलाते तो बात थी
जम्हूरियत का जश्न मुबारक तो है मगर
जम्हूरियत की जान बचाते तो बात थी
ज़रदार से यह हाथ मिलाना बजा मगर
नादार को गले से लगाते तो बात थी
बर्बाद होने का तो कोई ग़म नहीं मगर
अपना बनाके मुझको मिटाते तो बात थी
हिंदुस्तान की क़सम ऐ रेख़्ता हूँ ख़ुश
पर मुंसिफ़ी की बात बताते तो बात थी
Jad dil di sun ke dil di kiti
dil te galla taa lagniyaa hi si
jad bina soche samjhe pyaar kita aitbaar kita
fir dil te satta taa vajniyaa hi si
ਜਦ ਦਿਲ💝ਦੀ ਸੁਣ ਕੇ ਦਿਲ ਦੀ ਕੀਤੀ..
ਦਿਲ ਤੇ ਗੱਲਾਂ ਤਾਂ ਲੱਗਣੀਆ ਹੀ ਸੀ💔..
ਜਦ ਬਿਨਾਂ ਸੋਚੇ ਸਮਝੇ ਪਿਆਰ🥀ਕੀਤਾ ਇਤਬਾਰ ਕੀਤਾ..
ਫਿਰ ਦਿਲ ਤੇ ਸੱਟਾ ਤਾਂ ਵੱਜਣੀਆ ਹੀ ਸੀ💔..