जिंदगी में एक हसीं किरदार बनकर आ गया!
जो खफा रहता था अब वो यार बनकर आ गया!
उसने अपनी गलतियां समझी तो समझी भी बहुत!
उम्र भर के वास्ते फिर प्यार बनकर आ गया!!
हर्ष
Enjoy Every Movement of life!
जिंदगी में एक हसीं किरदार बनकर आ गया!
जो खफा रहता था अब वो यार बनकर आ गया!
उसने अपनी गलतियां समझी तो समझी भी बहुत!
उम्र भर के वास्ते फिर प्यार बनकर आ गया!!
हर्ष

हम रोशनी में बैठकर,सारी रात लिखते हैं
उस नक़ाव में हमको,दो चिराग़ दिखते हैं
तुझको अंदाज़ा भी नहीं होगा,के मेरे बगैर
तेरे पास बैठे लोग,कितने ख़राब दिखते हैं