जिंदगी में एक हसीं किरदार बनकर आ गया!
जो खफा रहता था अब वो यार बनकर आ गया!
उसने अपनी गलतियां समझी तो समझी भी बहुत!
उम्र भर के वास्ते फिर प्यार बनकर आ गया!!
हर्ष
Enjoy Every Movement of life!
जिंदगी में एक हसीं किरदार बनकर आ गया!
जो खफा रहता था अब वो यार बनकर आ गया!
उसने अपनी गलतियां समझी तो समझी भी बहुत!
उम्र भर के वास्ते फिर प्यार बनकर आ गया!!
हर्ष
Shaakh se toote patte sa ho gya hoon mein
Kisi ne smeta bhi to jalane k liye..!!
शाख से टूटे पत्तों सा हो गया हूँ मैं
किसी ने समेटा भी तो जलाने के लिए..!!
