जिंदगी में हौसला कभी मत हारना मेरे दोस्त,
क्या पता हौसला भी तेरे हारने का ही इंतजार कर रहा हो !
जिंदगी में हौसला कभी मत हारना मेरे दोस्त,
क्या पता हौसला भी तेरे हारने का ही इंतजार कर रहा हो !
उठे थे हाथ जिनके,
उन्ही दुआओं का असर हूं,
चिराग़ सी हैं नज़रें मेरी
जैसे सुबह की पहली पहर हूं
धूल से ही तो नाता है मेरा
वहीं ठंडी हवाओं में बसर हूं
कलम से शायर कह दो
होंठों से कहर हूं,
ठहरा है दरिया जो किनारे में
वहीं बहता छोटा सा शहर हूं,
मानों तो प्यास मिले
ना मानों तो ज़हर हूं...
Intezaar ki aarzu abh kho gai hai
khamoshiyo ki aadat ho gai hai
na shikwa raha na shikayat kisi se
agar hai to ek mohobat
jo in tanhaaiyo se ho gai hai
इंतज़ार की आरज़ू अब खो गयी है,
खामोशियो की आदत हो गयी है,
न शिकवा रहा न शिकायत किसी से,
अगर है तो एक मोहब्बत,
जो इन तन्हाइयों से हो गई है। 💘